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रक्षा बंधन 2017: भाई-बहन के प्यार को समर्पित है ये त्योहार, जानिए- क्या है इसका महत्व

Raksha Bandhan 2017 History: रक्षा बंधन का त्योहार भाई-बहन के प्यार को समर्पित है और दोनों के बीच प्यार को मजबूत करता है।
भाई को राखी बांधती एक बहन। (Photo Source: Indian Express Archive)

भारत सहित पूरे विश्व में इस बार हिंदू धर्म के लोग 7 अगस्त को रक्षा बंधन मनाएंगे। यह त्योहार भाई-बहन के प्यार को समर्पित है। इस त्योहार की हिंदू धर्म में काफी महत्वता है। रक्षा बंधन दो शब्दों ‘रक्षा’ और ‘बंधन’ से मिलकर बना है। इस दिन बहन अपने भाई के हाथ पर राखी बांधती है और भाई अपनी बहन की रक्षा का संकल्प लेता है। भाई संकल्प लेता है कि वह अपनी बहन का हर एक अच्छे और बुरे पल में साथ देगा। यह त्योहार भाई-बहन के प्यार को मजबूत करता है।

बताया जाता है कि रक्षा बंधन प्राचीन काल से चला रहा है। इसको लेकर एक कहानी है कि इसकी शुरुआत तब हुई थी जब रानियां अपने पड़ोसी भाईयों को प्यार और भाईचारे का प्रतीक राखी भेजती थीं। लेकिन अब यह बिल्कुल बदल गया है। अब बहनें अपने भाई की कलाई पर राखियां बांधती हैं और उनके अच्छे भाग्य की कामना करती हैं। इसके बदले में भाई अपनी बहन के हर सुख-दुख में साथ देने का संकल्प लेते हैं। रक्षा बंधन हिंदू कैलेंडर के मुताबिक सावन महीने की पूर्णिमा को मनाया जाता है।

रक्षा बंधन के दिन भद्रकाल का ध्यान रखा जाता है। इस दिन भद्रकाल के दौरान बहनें राखियां नहीं बांधती हैं, क्योंकि यह अशुभ माना जाता है। लेकिन इस बार एक मुश्किल और नजर आ रही है। इस बार रक्षा बंधन के दिन चंद्र ग्रहण भी है। इसलिए इसका ख्याल रखना भी बहुत जरूरी है। चंद्र ग्रहण की वजह से राखी बांधने के लिए केवल पांच घंटे ही शुभ माने जा रहे हैं। रक्षा बंधन के दिन चंद्र ग्रहण के सूतक का समय दोपहर 1 बजकर 52 मिनट से शुरू हो रहा है। इसलिए बहनों को चंद्रग्रहण लगने से पहले ही भाईयों को राखी बांधनी होगी। यह समय होगा सुबह 9 बजे से लेकर दोपहर 1.50 मिनट तक। इस समय के बीच राखी बांधना शुभ रहेगा। बता दें, इस बार रक्षा बंधन पर खंडग्रास चंद्र ग्रहण पड़ रहा है।

रक्षा बंधन के दिन जब बहन अपने भाई को राखी बांधती है तो उसे बदले में गिफ्ट भी मिलता है। यह गिफ्ट भाई अपनी बहन को देता है।

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