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जानिए, शिवलिंग पर बिल्वपत्र, कमल पुष्प, कुशा, दूर्वा, धतूरा व कनेर चढ़ाने के हैं क्या फायदे

शास्त्रों में मनोरथ पूर्ति व संकट मुक्ति के लिए अलग-अलग तरह की धारा से शिव का अभिषेक करना शुभ बताया गया है।
Maha Shivaratri: गुड़गांव में मंगलवार को महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर भगवान शिव की उपासना के दौरान शिवलिंग पर दूध अर्पित करते श्रद्धालू। (स्रोत-पीटीआई)

शास्त्रों में मनोरथ पूर्ति व संकट मुक्ति के लिए अलग-अलग तरह की धारा से शिव का अभिषेक करना शुभ बताया गया है। अभिषेक करते समय शिव मंत्रों का उच्चारण करते रहना चाहिए।

1. वंश की वृद्धि के लिए: शिवलिंग पर शिव सहस्त्रनाम बोलकर घी की धारा अर्पित करें।

2. शिव पर जलधारा से अभिषेक: मन की शांति के लिए श्रेष्ठ मानी गई है।

3. भौतिक सुखों को पाने के लिए: इत्र की धारा से शिवलिंग का अभिषेक करें।

4. बीमारियों से छुटकारे के लिए: शहद की धारा से शिव पूजा करें।

5. गन्ने के रस की धारा से अभिषेक करने पर: हर सुख और आनंद मिलता है।

6. सभी धाराओं से श्रेष्ठ है गंगाजल की धारा: शिव को गंगाधर कहा जाता है। शिव को गंगा की धार बहुत प्रिय है। गंगा जल से शिव अभिषेक करने पर चारों पुरुषार्थ की प्राप्ति होती है। इससे अभिषेक करते समय महामृत्युंजय मन्त्र जरुर बोलना चाहिए।

जब किसी का मन बेचैन हो, निराशा से भरा हो, परिवार में कलह हो रहा हो, अनचाहे दु:ख और कष्ट मिल रहे हो तब शिव लिंग पर दूध की धारा चढ़ाना सबसे अच्छा उपाय है।

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