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आज शाम से है कृष्ण पक्ष की एकादशी, ये उपाय करने से बनने लगेंगे काम

15 सितम्बर 2017 शुक्रवार को शाम 06:30 से 16 सितम्बर, शनिवार को शाम 04:30 तक एकादशी है। ये अश्विन माह की कृष्ण पक्ष एकादशी है।

15 सितम्बर 2017 शुक्रवार को शाम 06:30 से 16 सितम्बर, शनिवार को शाम 04:30 तक एकादशी है। 16 सितम्बर, शनिवार को एकादशी का व्रत (उपवास) रखें। आज अश्विन माह की कृष्ण पक्ष एकादशी है। ये श्राद्ध पक्ष की एकादशी घर में सुख- शान्ति का वास लाती है। एकादशी को दिया जला के विष्णु सहस्त्र नाम पढ़ें। विष्णु सहस्त्र नाम नहीं हो तो 1० माला गुरुमंत्र का जप कर लें। अगर घर में झगडे होते हों, तो विष्णु सहस्त्र नाम पढ़ें तो घर के झगड़े भी शांत होंगे। आज दो दिवसीय एकादशी का प्रारंभ हो रहा है। इस एकादशी का पारण रविवार सूर्योदय होने के पश्चात अवश्य करें। द्वादशी में पारण करना अशुभ माना जाता है।

एकादशी का व्रत करने से घर में सुख-समृधि आती है और घर के कलह और कलेश खत्म हो जाते हैं। एकादशी के दिन सफेद चीजों का परहेज करना चाहिए। कई लोगों की मान्यता है कि इस दिन चावल, दही और खीर का सेवन करने से बचना चाहिए। हिंदू धर्म में ये भी मान्यता है कि जिन लोगोंके कुंडली में दोष होता है अगर वो एकादशी का व्रत करें तो उनकी कुंडली के सभी दोष शांत हो जाते हैं। इस दिन उपवास करने से माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

एकादशी तिथि को चंद्रमा से जोड़ा गया है। ऐसा माना जाता है कि जो व्यक्ति पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ एकादशी का व्रत रखकर केवल फलाहार का ही सेवन करता है तो उसके कुंडली में चंद्रमा की स्थिति जितनी भी खराब हो सुधर जाती है। जिसका अर्थ होता है की आपके शरीर में चंद्र तत्व सुधरने लगे हैं। ये भी माना जाता है कि चंद्र में सुधार होने के बाद ही शुक्र भी सुधरता है और शुक्र के सुधरने पर बुध भी सही स्थिति में आ जाते हैं। मुख्य तौर पर इस व्रत को रखने का उद्देश्य चंद्रमा की स्थिति ठीक करना और उन्हें जागृत करना है। लेकिन इस व्रत में नारायण की पूजा का भी विशेष महत्व होता है।

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