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जानिए, गुरुवार को क्यों पहना जाता है पीला वस्त्र और पूजा जाता है केले का पेड़

केले के पेड़ का पूजन धार्मिक ग्रन्थों में बहुत शुभ माना गया है, इसका पूजन करने से जीवन में सुख और समृधि की बढ़ोतरी होने लगती है।
सांकेतिक फोटो

शास्त्रों के अनुसार गुरुवार को केले की पूजा करना शुभ माना जाता है। धार्मिक ग्रंथों में ऐसा मौजूद है कि कि केले के पत्तों में गुरू बृहस्पति का वास होता है। गुरुवार भगवान विष्णु का दिन होता है। गुरुवार का दिन भगवान बृहस्पति की पूजा के लिए शुभ माना गया है। शास्त्रों के अनुसार भगवान बृहस्पति साधु और संतों के देव माने गए हैं और इसी तरह पीला रंग संपन्नता का प्रतीक भी है। यही वजह है कि पीला रंग इस दिन को समर्पित किया गया है। गुरुवार का व्रत बड़ा ही फलदायी माना जाता है। इसलिए लोग बृहस्पतिदेव और केले के पेड़ की भी पूजा करते हैं। बृहस्पतिदेव को बुद्धि का कारक माना जाता है। केले के पेड़ को हिन्दू धर्मानुसार बेहद पवित्र माना जाता है।

केले के पेड़ की पूजा करने के महत्व-
– मांगलिक दोष वाले व्यक्त‍ि का अगर केले के पेड़ से विवाह करवा दिया जाए तो उसका मंगल दोष खत्म हो जाता है।
– किसी पूजा में या मांगलिक कार्यों में दरवाजों पर केले के पत्तों को लगाना बहुत शुभ होता है, इससे बुरी नजर नहीं लगती है।
– भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी को केला चढ़ाने से घर में सुख व समृद्धि आती है और वैवाहिक जीवन सुखमय होता है।
– अगर आप पुखराज रत्न धारण नहीं कर सकते तो केले की जड़ पहन लें, इससे भी पुखराज जितना लाभ होगा।

गुरूवार का दिन गुरू के पूजन का दिन होता है। इस दिन उनका पूजन इस विधि से करने से वो खुश होते हैं।
– हल्दी की गांठ, चने की दाल और गुड़ केले पर चढाएं।
-अक्षय, पुष्प आदि मंगल चीजें चढ़ाये और केले के पेड़ की परिक्रमा करें।
– घर में लगे केले के पेड़ की पूजा करने से लाभ नहीं होता है, मंदिर या कहीं स्वच्छ जगह पर ही उसका पूजन करें।

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