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कैथलिक चर्च की योग पर टिप्पणी, कहा- दिव्य अनुभव प्राप्त करने का माध्यम नहीं है योग

सायरो-मालाबार कैथलिक चर्च के मुताबिक योग दिव्य अनुभव प्राप्त करने का तो माध्यम नहीं है, लेकिन इससे शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य बेहतर बनाने में मदद मिलती है ।
Author कोच्चि (केरल) | April 4, 2017 17:15 pm

सायरो-मालाबार कैथलिक चर्च के मुताबिक योग दिव्य अनुभव प्राप्त करने का तो माध्यम नहीं है, लेकिन इससे शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य बेहतर बनाने में मदद मिलती है । सायरो-मालाबार चर्च के पादरियों की समिति की राय है कि किसी विशेष आसन के जरिए दिव्य अनुभव प्राप्त नहीं किया जा सकता । समिति ने अपनी आस्था में योग की भूमिका पर इस साल की शुरूआत में चर्चा की थी । सायरो-मालाबार चर्च के प्रधान पादरी कार्डिनल जॉर्ज एलेनचेरी के दस्तखत वाले सर्कुलर में कहा गया, ‘‘हम जिस ईश्वर में यकीन रखते हैं वह एक वैयक्तिक ईश्वर :पर्सनल गॉड: हैं । ईश्वर कोई ऐसा शख्स नहीं है जिसके पास किसी विशेष आसन से पहुंचा जा सके ।’ इस साल जनवरी में अपने पादरियों और अपनी आस्था से जुड़े लोगों के लिए जारी सर्कुलर में चर्च ने कहा कि भारतीय संस्कृति में योग को मिले महत्वपूर्ण स्थान को मान्यता देते हुए इसे ध्यान केंद्रित करने वाला एक शारीरिक अभ्यास या आसन माना जाना चाहिए ।  सर्कुलर में कहा गया, ‘‘यह मानना सही नहीं है कि ईश्वर का अनुभव और ईश्वर के साथ व्यक्तिगत साक्षात्कार योग से संभव है ।’ इसमें कहा गया कि इस बाबत चर्च से इतर राय रखने वालों को प्रोत्साहित नहीं करना चाहिए ।

बतां दे जबसे पीएम मोदी की सरकार शासन में आई है तब से पूरे देश में योग को काफी बढ़ावा दिया जाने लगा है। न सिर्फ देश में बल्कि विदेशी लोग भी लाखों की संख्या में योद पद्धिति को अपना रहे हैं। योग के जरिए न सिर्फ शरीर की बीमारियां दूर होती हैं बल्कि आप और हम खुद को हल्का मेहसूस भी करते हैं। योग के बारे में हमारे भारतीय शास्त्र और वेदों में भी चर्चा हैं। जहां पर योग के महत्व को गहराई से समझाया गया है। योग के जरिए अपने चेहरे की सुंदरता और चमक को बनाए रखने के लिए लोग तरह-तरह के प्रोडक्ट इस्तेमाल करते हैं। कोई क्रीम में पैसे बहाता है तो कई लोग मेडिकल ट्रीटमेंट लेने लगते हैं। बढ़ती उम्र, झुर्रियों या उम्र के साथ आने वाले दूसरे असर को हम रोक तो नहीं सकते लेकिन उसे कम जरूर कर सकते हैं। इसके लिए हम आपको बता रहे हैं कुछ आसान से फेस योग टिप्स जिन्हें अपने रुटीन में शामिल कर आप अपने चेहरे को बना सकते हैं और भी खूबसूरत और जवां। फेस योगा करने से चेहरे का ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है जो चेहरे की त्वचा को टाइटनेस देता है। फेस योग करते समय चेहरे की नसों में तेज खिंचाव होता है जिससे चेहरे की झुर्रियां कम होती है। फेस योगा से गाल, आंख, चिन, गला और माथे की स्किन में कसावट आती है और बढ़ती उम्र का असर चेहरे पर नजर नहीं आता।

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