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खुले में शौच रोकने के लिए औरतों ने शुरू किया ‘लोटा छीनो’

जिले में लोगों को खुले में शौच करने से रोकने के लिए प्रशासन द्वारा गांव-गांव लोटा छीनों कार्यक्रम शुरू किया गया है।
Author नई दिल्ली | October 28, 2016 01:14 am

आदर्श गुप्ता

जिले में लोगों को खुले में शौच करने से रोकने के लिए प्रशासन द्वारा गांव-गांव लोटा छीनों कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसके लिए पूरे जिले में सरकारी अमला गांव-गांव में जाकर सुबह लोटा लेकर शौच के लिए जाने वाले आदमी-औरतों को रोक कर एक बार उन्हें खुले में शौच न करने के लिए समझाता है। दूसरी बार न मानने वालों के लोटे छीन लेता है, इस अभियान को ‘लोटा छीनों शौचालय से जोड़ोह्ण का नाम दिया गया है। जिला कलेक्टर विनोद शर्मा के अनुसार जिले के सभी सात ब्लॉकों में बड़े स्तर पर यह अभियान शुरू किया गया। इसके अलावा शस्त्र लाइसेंस धारियों के लिए भी घर में शौचालय होना अनिवार्य किए जाने, न्यूसेंस ग्रुप बनाने, खुले में शौच पर 250 रुपए का जुर्माना लगाने जैसे कई प्रावधान जिले में लागू किए जा रहे हैं। पूरे जिलों में दो लाख शौचालय भी बनाने का काम शुरू किया गया है। कलेक्टर के अनुसार जिले के 27 विभागों के अधिकारी जिनके पास सरकारी वाहन हैं, प्रतिदिन सुबह अपने क्षेत्र के गांवों में जाकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को शौच के लिए लोटा लेकर निकले लोगों को घेरने व टोकने के काम में लगाते हैं जो पहली बार टकराता है, उसे समझा कर जाने दिया जाता है, लेकिन एक बार समझाया फिर लोटा लिए मिलता है तो उसका लोटा छीन लिया जाता है।

2 अक्तूबर को जिले भर के गांवों में आयोजित विशेष ग्राम सभा में पंचायतों द्वारा खुले में शौच करने वाले पर 250 रुपए के जुर्माने का प्रस्ताव पास कराया गया है। यह जुर्माना हर उस गांव वाले पर ग्राम पंचायत वसूलेगी जो खुले में शौच करता पकड़ा जाएगा। उसे जितनी बार पकड़ा जाएगा, उतनी बार ही उस पर जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा गांव-गांव में चार स्तरीय न्यूसेंस ग्रुप गठित किए जा रहे हैं। इनमें एक महिलाओं का ग्रुप होगा जो गांव की महिलाओं के खुले में शौच करने पर सीटी बजा कर उनके सामने न्यूसेंस पैदा करके उन्हें शर्मिंदा करेगी। ऐसा ही एक ग्रुप आदमियों का. एक किशोरों का और एक बच्चों-बच्चियों का होगा, ये ग्रुप अपने गांव में खुले में शौच कर रहे लोगों के सामने सीटी बजाएंगे ताकि वे शर्मिंदा हो सकें। यह ग्रुप उन्हें खुले में शौच की बुराइयों को समझाते हुए जल्दी से जल्दी घर में शौचालय बनाने और उसे इस्तेमाल करने के लिए समझाएगा।

स्वच्छ भारत अभियान के तहत चल रहे इस अभियान में अब किसानों को हर सरकारी सुविधा का लाभ लेने के लिए घर में शौचालय होने का प्रमाण पत्र देना अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा नए पुराने शस्त्र लाइसेंस रखने वाले या चाहने वाले को घर में शौचालय का प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य कर दिया गया हैं। पुराने लाइसेंस धारी यदि यह प्रमाणपत्र जमा नहीं कराएंगे तो उनके शस्त्र लाइसेंस रद्द कर दिए जाएंगे। कलेक्टर के अनुसार निराश्रित सहायता विधवा पेंशन या और दूसरे सरकारी योजनाओं का लाभ भी शौचालय होने की शर्त पूरी करने वालों को ही दिया जाएगा। इस आशय के आदेश कलेक्टर ने जारी कर दिए हैं।

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