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‘सबरीमाला में महिलाओं के प्रवेश पर रोक जारी रहे’

सबरीमाला में भगवान अयप्पा मंदिर में मासिक धर्म आयु वर्ग की महिलाओं के प्रवेश पर रोक को लेकर सुप्रीम कोर्ट की ओर से सवाल उठाए जाने के एक दिन बाद त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) ने कहा कि यह रोक मंदिर की प्रथा और परंपरा का हिस्सा है और यह जारी रहनी चाहिए।
Author तिरुवनंतपुरम | January 13, 2016 02:09 am
केरल स्थित सबरीमाला मंदिर (पीटीआई फाइल फोटो)

सबरीमाला में भगवान अयप्पा मंदिर में मासिक धर्म आयु वर्ग की महिलाओं के प्रवेश पर रोक को लेकर सुप्रीम कोर्ट की ओर से सवाल उठाए जाने के एक दिन बाद त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) ने कहा कि यह रोक मंदिर की प्रथा और परंपरा का हिस्सा है और यह जारी रहनी चाहिए। मंदिर का प्रबंधन करने वाले टीडीबी अध्यक्ष प्रायर गोपालकृष्णन ने यहां कहा कि बोर्ड 10 साल से लेकर 50 साल की उम्र वाली महिलाओं के मंदिर में प्रवेश पर रोक जारी रखने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखेगा। सबरीमाला मंदिर में सभी महिलाओं व लड़कियों के प्रवेश की इजाजत की मांग वाली यंग लायर्स एसोसिएशन की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा था कि यह प्रचलन संवैधानिक व्यवस्था के अनुरूप नहीं है।

गोपालकृष्णन ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी 2006 में एलडीएफ नीत तत्कालीन माकपा राज्य सरकार की ओर से दायर हलफनामे पर आधारित है। उन्होंने कहा कि उक्त टिप्पणी मंदिर और भगवान अयप्पा के धार्मिक संस्कारों की विशिष्टता को समझे बिना थी जिन्हें निष्ठिका ब्रह्मचारी माना जाता है। उन्होंने कहा कि मान्यता के अनुसार पहाड़ी पर स्थित मंदिर जाते समय कुछ प्रथा व परंपरामाओं का पालन करना होता है। उन्होंने कहा कि टीडीबी और राज्य सरकार उन प्रथाओं व परंपराओं के संरक्षण को महत्व देते हैं। उन्होंने कहा कि बोर्ड न्यायालय में अपना रुख पेश करने के लिए मामले में खुद को पक्षकार बनाएगा।

इस बीच विहिप प्रदेश अध्यक्ष एसजेआर कुमार ने कहा कि मुद्दे में न केवल धार्मिक व आनुष्ठानिक पहलू जुड़े हैं, बल्कि इसमें पहाड़ी पर स्थित मंदिर में महिलाओं की सुरक्षा भी जुड़ी हुई है जहां तीन महीने (नवंबर से जनवरी) की अल्प अवधि तक चलने वाली वार्षिक तीर्थयात्रा में लाखों लोग जुटते हैं। उन्होंने कहा कि विहिप चाहती है कि मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर रोक की परंपरा जारी रहे। उन्होंने कहा कि विहिप भी मामले में पक्षकार बनने पर विचार कर रहा है।

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