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DDCA SCAM पर बोले कीर्ति आजाद- कोर्ट जाकर करूंगा हर किसी का पर्दाफाश, जेल जाने को भी तैयार

डीडीसीए को ‘भ्रष्टाचार का वैध संस्थान’ बताते हुए आजाद ने कहा, ‘मैं अदालत जाउंगा और हर किसी का पर्दाफाश करूंगा। तब मेरी पार्टी मेरी तारीफ करेगी। मैं जेल जाने को भी तैयार हूं लेकिन जब तक मैं जिंदा हूं मैं भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ता रहूंगा।’
Author नई दिल्ली | January 13, 2016 12:07 pm
DDCA SCAM में मुखर होने के बाद भाजपा से निलंबित किए गए सांसद और पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद।

डीडीसीए मुद्दे को लेकर वित्तमंत्री अरूण जेटली पर हमला करने के कारण भाजपा से निलंबित किए गए क्रिकेटर से नेता बने कीर्ति आजाद जुझारू अंदाज में दिखे और उन्होंने कहा कि वह किसी के भी सामने झुकेंगे नहीं बल्कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी लड़ाई में वह जेल तक जाने को तैयार हैं।

डीडीसीए को ‘भ्रष्टाचार का वैध संस्थान’ बताते हुए आजाद ने कहा, ‘मैं अदालत जाउंगा और हर किसी का पर्दाफाश करूंगा। तब मेरी पार्टी मेरी तारीफ करेगी। मैं जेल जाने को भी तैयार हूं लेकिन जब तक मैं जिंदा हूं मैं भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ता रहूंगा।’ उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री कहते हैं कि किसी को भी भ्रष्टाचार नहीं करने देंगे। उन्हें इस मुद्दे को संज्ञान में लेना चाहिए।

मैंने अब के वित्त मंत्री और तत्कालीन डीडीसीए प्रमुख को 200 पत्र, 500 ईमेल भेजे। यहां तक कि बिशन सिंह बेदी ने भी उन्हें चिट्ठी लिखी.. लेकिन मैंने किसी का नाम नहीं लिया। मेरी मांग केवल यह है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई हो।’ पत्रिका ‘मिथिला दर्पण’ की ओर से यहां देर रात आयोजित एक समारोह में कांग्रेस नेता संजय निरूपम के साथ आजाद को सम्मानित किया गया।

उन्होंने कहा कि मेरी मांग केवल यह है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई हो।” पत्रिका ‘मिथिला दर्पण’ की ओर से यहां आयोजित एक समारोह में कांग्रेस नेता संजय निरुपम के साथ आजाद को सम्मानित किया गया।”

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  1. Bhagawana Upadhyay
    Jan 14, 2016 at 1:19 am
    Alka Lamba-AAP ‏@LambaAlka 10h10 hours ago इंदिराG,अटलG,अरविन्दGचुनाव हारने के बाद भी सम्मानित तरीके से दुबारा जनता द्वारा चुनें गये पर जेटलीGकभी जनता से अपना सम्मान वापस नहीं ले पाये
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    Reply
    1. Bhagawana Upadhyay
      Jan 14, 2016 at 1:27 am
      सरकार , संस्था , ट्रस्ट ,विभाग , कार्यालय के मुखिया के हस्ताक्षरों से सारे काम काज ,आदेश होते बताये जाते है और उसका निर्णय अंतिम होता बताया जाता है . फिर उस प्रतिष्ठान में किसी अपराध , भ्रष्टाचार के लिए भी पूर्णतया वो हैड जिम्मेदार होता है , भ्रस्टाचार किसने ,कैसे किया और वो काली कमाई कहा है उसको स्पस्ट करनी चाहिए वरना राष्ट्र तो मुखिया को पूर्णतया लिप्त मानेगा . सत्य की जय हो
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      Reply
      सबरंग