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EVM हैक करने की ‘खुली चुनौती’ की विश्वसनीयता पर केजरीवाल ने सवाल उठाया

दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को निर्वाचन आयोग (ईसी) द्वारा इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) को हैक करने की 'खुली चुनौती' की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया।
केजरीवाल के साथ मनीष सिसोदिया

दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को निर्वाचन आयोग (ईसी) द्वारा इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) को हैक करने की ‘खुली चुनौती’ की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया। केजरीवाल ने आश्चर्य जताया कि निर्वाचन आयोग ने चुनौती को लेकर औपचारिक बयान क्यों नहीं जारी किया और मीडिया में इसे लेकर सूत्रों के हवाले से खबर दी गई। केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा, “क्या वास्तव में किसी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) के किसी आधिकारिक बयान को देखा है। मैं इसे शाम से इसे पाने की कोशिश कर रहा हूं। क्या यह खबर सही है? उन्होंने कहा, “इन खबरों को सूत्रों के हवाले से क्यों बताया जाता है? यह कितनी विश्वसनीय हैं? ईसी ने औपचारिक तौर पर बयान क्यों नहीं जारी किया? या फिर इन्हें प्लांट किया गया है?”

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी इस मुद्दे पर ट्वीट किया। सिसोदिया ने कहा कि ईसी की ‘खुली चुनौती’ खुले तौर पर नहीं है और यह मीडिया द्वारा चलाई जा रही है। सिसोदिया ने ट्वीट किया, “यह खुली चुनौती मीडिया के जरिए लीक के माध्यम से क्यों आ रही है? अब तक इसे लेकर ईसी की तरफ से कोई पत्र या प्रेस विज्ञप्ति नहीं है। निर्वाचन आयोग के सूत्रों ने बुधवार को कहा था कि निर्वाचन आयोग विशेषज्ञों और हितधारकों को मई में ईवीएम को हैक करने की कोशिश के लिए आमंत्रित करने जा रहा है। आयोग वोटिंग मशीन की विश्वसनीयता पर सभी तरह के संदेहों को दूर करने के लिए आमंत्रित करेगा। विपक्षी पार्टियां पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के 11 मार्च को नतीजे आने के बाद से ईवीएम मशीन की प्रमाणिकता पर सवाल उठा रही हैं।

साथ ही आपको ये भी बता दें दिल्ली सरकार ने उपराज्यपाल अनिल बैजल के आदेश पर सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) से सरकारी विज्ञापनों में जनता के धन के दुरुपयोग के मामले में वसूली की कार्रवाई शुरू करते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को नोटिस जारी किया है। इसके बाद अरविंद केजरीवाल देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बन गए है जिन्हें अपने ही सरकारी विभाग द्वारा नोटिस भेजा गया है। केजरीवाल पर आरोप लगे हैं कि उनकी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित विज्ञापन निती का उल्लंघन किया। आपको बता दें कि यह कार्रवाई दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन द्वारा दायर याचिका पर हाई कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए दिल्ली सूचना एवं प्रसारण विभाग द्वारा की गई है।

दिल्ली सरकार के सूचना व प्रचार निदेशालय ने आप संयोजक और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को 97 करोड़ 14 लाख 69 हजार 137 रुपए का रिकवरी नोटिस जारी किया है। इस मामले में अदालत के अगस्त 2016 के आदेश पर उपराज्यपाल ने विज्ञापन नीति का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित तीन सदस्यीय निगरानी समिति को जांच में गलत पाए विज्ञापनों पर खर्च की गई राशि का आंकलन करने को कहा था। समिति ने 16 सितंबर 2016 को सौंपी रिपोर्ट में केजरीवाल सरकार को दिल्ली से बाहर संचार माध्यमों में विज्ञापन जारी करने, विज्ञापनों में ‘आप’ का जिक्र करने, अन्य राज्यों की घटनाओं पर मुख्यमंत्री के विचारों के विज्ञापन जारी करने और सरकारी विज्ञापनों में विपक्ष पर निशाना साधने का दोषी पाया।

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