December 05, 2016

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पश्चिम बंगाल: बिस्कुट के डिब्बों में नवजात बच्चों को छिपाकर बेचने वाला गिरोह पकड़ा गया

पश्चिम बंगाल में नवजात बच्चों की तस्करी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। इसमें एक प्राइवेट नर्सिंग होम के आठ लोगों का नाम आया है जो यह काम किया करते थे।

पश्चिम बंगाल के प्राइवेट नर्सिंग होम से बचाए गए दो बच्चे। Express photo. 22.11.16

पश्चिम बंगाल में नवजात बच्चों की तस्करी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। इसमें एक प्राइवेट नर्सिंग होम के आठ लोगों का नाम आया है जो यह काम किया करते थे। गिरोह के लोग 24 घंटे पहले जन्मे बच्चे को भी बेच देते थे। एनडीटीवी की खबर के मुताबिक, प्राइवेट हॉस्पिटल चलाने वाला यह गिरोह ऐसी अविवाहित लड़की को अपना शिकार बनाते थे जो शादी से पहले प्रेग्नेंट हो जाती थी और गर्भपात करवाने के लिए उनके पास आती थी। स्टाफ और डॉक्टर द्वारा उसे गर्भपात ना करवाने के लिए मनाया जाता था और बच्चे के बदले उसे पैसे देने का वादा किया जाता था। गिरोह के लोग लड़के के बदले तीन लाख रुपए और लड़की के लिए एक लाख रुपए देते थे। इसके बाद ये लोग नर्सिंग होम से बच्चों को बिस्कुट के कार्टून में छिपाकर वहां के सरकारी हॉस्पिटल में उन लोगों को बेच आते थे जिनके बच्चे किसी वजह से जन्म लेते ही मर जाते थे। इस गिरोह में कुल आठ लोगों के शामिल होने की बात कही जा रही है।

उसमें प्राइवेट नर्सिंग होम का मालिक, नजमा बीबी नाम की एक महिला को मंगलवार (22 नवंबर) को गिरफ्तार भी कर लिया गया। इन लोगों को कोलकाता से 85 किलोमीटर दूर 24 परगना से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने नर्सिंग होम में छापा मारकर स्टाफ को रंगे हाथों पकड़ा था। पुलिस अधिकारों ने एक बंद कमरे की तलाशी ली थी जिसमें दवाईयां स्टोर करके रखने की बात कही जा रही थी।

पुलिस ने बताया कि सरकारी हॉस्पिटल के अलावा ये लोग बाहर भी बच्चों को बेचते थे। गिरोह तीन साल से चल रहा था। खबर के मुताबिक, पुलिस को लगता है कि 25 बच्चों को अबतक बेचा जा चुका है। हालांकि, अभी आकंड़े पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है। इसकी जांच चल रही है। पुलिस को इस मामले में एक एनजीओ पर भी शक है। पुलिस को कुछ भुक्तभोगी लोग भी मिले हैं।

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First Published on November 23, 2016 2:01 pm

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