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पश्चिम बंगाल: फेसबुक पोस्ट से भड़का दंगा- गाड़ियों-दुकानों में लगाई आग, केंद्र ने ममता बनर्जी सरकार से मांगी रिपोर्ट

हिंसा एक फेसबुक पोस्ट से शुरू हुई। पुलिस के मुताबिक, दसवीं के एक छात्र ने सोमवार को एक अपमानजनक पोस्ट फेसबुक पर डाला था, जो थोड़ी ही देर में वायरल हो गया था।
गृह मंत्रालय ने पारामिलिट्री फोर्सेज की तीन कंपनियों को 24 परगना भेजा है। इसके साथ ही गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार से इस मामसे में पूरी रिपोर्ट देने को कहा है।

पश्चिम बंगाल के उत्तरी 24 परगना जिले के बदुरिया और बासिरहाट इलाके में साम्प्रदायिक हिंसा भड़कने के बाद पुलिस ने वहां धारा 144 लगा दिया है। इसके अलावा प्रशासन ने वहां इंटरनेट सेवा पर रोक लगा दी है। सोशल मीडिया फेसबुक पर एक अपमानजनक पोस्ट के बाद दो समुदायों में हिंसक झड़प हो गई थी। मंगलवार को हिंसक भीड़ ने न केवल पुलिस दल पर हमला किया बल्कि उनकी कई गाड़ियों और दुकानों में आग लगा दी। इसके बाद भारत-बांगलादेश को जोड़ने वाली प्रमुख सड़क को भी जाम कर दिया। हंगामा देखते हुए पश्चिम बंगाल के भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है। बंगाल पुलिस ने बुधवार को सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक सौहार्द को भंग करने की आशंका वाले अफवाह फैलाने को लेकर चेतावनी जारी की है। एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा था कि एक फेसबुक पोस्ट के कारण उत्तर 24 परगना में सांप्रदायिक हिंसा भड़की। मुख्यमंत्री का यह बयान आने के अगले ही दिन पुलिस ने यह चेतावनी जारी की है। पश्चिम बंगाल पुलिस ने ट्वीट के जरिए ही यह चेतावनी जारी की है, जिसमें कहा गया है, “जिम्मेदार लोगों को जिम्मेदारीपूर्वक ही ट्वीट करना चाहिए, न कि अफवाह फैलाने और सांप्रदायिक सौहार्द भंग करने के मकसद से। किसी तरह की अफवाह न फैलाएं। प्रशासन शांति एवं सौहार्द बनाए रखने की पूरी जिम्मेदारी लेता है।”

हालात को देखते हुए राज्य सरकार ने केन्द्र सरकार से मदद की गुहार लगाई है। इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पारामिलिट्री फोर्सेज की तीन कंपनियों को 24 परगना भेजा है। इसके साथ ही गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार से इस मामसे में पूरी रिपोर्ट देने को कहा है। बता दें कि हिंसा एक फेसबुक पोस्ट से शुरू हुई। पुलिस के मुताबिक, दसवीं के एक छात्र ने सोमवार को एक अपमानजनक पोस्ट फेसबुक पर डाला था, जो थोड़ी ही देर में वायरल हो गया था। इसके बाद लोग सड़कों पर उतर आए और कई गाड़ियों और दुकानों को आग के हवाले कर दिया। हालांकि पुलिस ने आरोपी छात्र को तुरंत गिरफ्तार कर लिया। दंगा भड़कने के बाद प्रशासन ने एहतियातन सभी स्कूल-कॉलेजों को बंद करा दिया था। हंगामे के आलम यह था कि दंगाइयों ने लोकल ट्रेनों और बस सर्विस को भी रुकवा दिया था।

 

पुलिस पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए बाद में भाजपा के कार्यकर्ताओं ने भी विरोध-प्रदर्शन करना शुरू कर दिया और जिले के कई इलाकों में सड़क जाम कर दिया। इस घटना के विरोध में 100 किलोमीटर दूर राज्य की राजधानी कोलकाता में विरोध प्रदर्शन कर रहे विश्व हिन्दू परिषद के चार लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार होने वालों में संजय गोस्वामी, राजर्षि लाहिड़ी, सूरज पोद्दार और सुरोजीत विस्वास है।

उत्तरी 24 परगना जिले की साम्प्रदायिक हिंसा की सियासी जंग मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी तक जा पहुंची। इस हिंसा के बाद गवर्नर द्वारा सीएम को बुलाए जाने के अगले दिन तृणमूल कांग्रेस ने राज्यपाल को संविधान और मर्यादा का पालन करने की नसीहत दी है। तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी ने सीएम के साथ बुरा बर्ताब किया भाजपा के एक प्रवक्ता की तरह सीएम को धमकी दी है।

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