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ममता सरकार का फरमान- केंद्रीय मंत्रियों का बिल चुकाए BJP, किरण रिजीजू के सर्किट हाउस का बिल भाजपा नेता ने भरा

भाजपा के केंद्रीय नेता और मंत्री अगर पश्चिम बंगाल के सरकारी दौरे की आड़ में राजनीति करते हैं तो पार्टी को उनके रहने-खाने का बिल चुकाना होगा।
Author कोलकाता | April 12, 2017 13:21 pm
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री प्रमुख ममता बनर्जी। PTI Photo

प्रभाकर मणि तिवारी

भाजपा के केंद्रीय नेता और मंत्री अगर पश्चिम बंगाल के सरकारी दौरे की आड़ में राजनीति करते हैं तो पार्टी को उनके रहने-खाने का बिल चुकाना होगा। ममता बनर्जी सरकार ने कड़ाई से भाजपा को न सिर्फ यह संदेश दिया है बल्कि इस पर अमल भी शुरू कर दिया है। बीरभूम जिला प्रशासन ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजीजू के दौरे के मौके पर सर्किट हाउस में रहने और खाने के बाबत एक हजार रुपए का बिल स्थानीय भाजपा प्रमुख को थमा दिया है। केंद्रीय मंत्री ने बीरभूम में पार्टी की बैठक के बाद हुई जनसभा में तृणमूल कांग्रेस सरकार की जम कर खिंचाई करते हुए उन पर तानाशाही का आरोप लगाया था। उसके बाद ही राज्य सरकार ने भाजपा को बता दिया कि अगर कोई केंद्रीय नेता या मंत्री सरकारी दौरे के नाम पर बंगाल पहुंचने के बाद राजनीति में जुटता है तो उसके रहने-खाने का खर्च राज्य सरकार नहीं उठाएगी। लेकिन बीरभूम जिला प्रशासन ने रिजीजू से सर्किट हाउस में ठहरने और खाने का खर्च नहीं लिया। बाद में राज्य सचिवालय से कान उमेठे जाने के बाद प्रशासन हरकत में आया और रजीजू के लौटने के अगले दिन स्थानीय भाजपा नेतृत्व को बुला कर हजार रुपए का बिल थमा दिया गया। भाजपा ने आरोप लगाया है कि ऊपर से मिले निर्देशों के बाद ही प्रशासन ने अपना फैसला बदला है।

भाजपा के बीरभूम जिला महासचिव कालासोना मंडल को बिल थमा कर बाकायदा पैसे वसूले गए। बिल पर पहले केंद्रीय मंत्री का नाम लिखा था जिसे बाद में काट कर मंडल का नाम लिख दिया गया। मंडल कहते हैं कि प्रोटोकाल की उपेक्षा कर एक केंद्रीय मंत्री के रहने-खाने का खर्च वसूलना अपमानजनक है। दूसरी ओर, जिला प्रशासन के एक अधिकारी का कहना है कि केंद्रीय मंत्री चूंकि सरकारी काम से यहां नहीं आए थे, इसलिए नियमों के मुताबिक उनके रहने-खाने का खर्च मांगा गया है। राज्य के मुख्यमंत्री सचिवालय में तैनात एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय योजनाओं का एलान करने के बहाने कई केंद्रीय मंत्री राज्य के दौरे पर आ रहे हैं। लेकिन वे यहां आ कर भाजपा की नीतियों का प्रचार कर रहे हैं। ऐसे में उनका दौरा सरकारी न रह कर राजनीतिक हो जाता है।

भाजपा के कई शीर्ष नेता संगठन को मजबूत करने और विभिन्न केंद्रीय योजनाओं के ऐलान के बहाने इस महीने बंगाल के दौरे पर आ रहे हैं। रिजीजू का दौरा भी इसी की कड़ी थी। राज्य सचिवालय नवान्न के सूत्रों का कहना है कि सरकारी काम से आने वाले मंत्रियों व सांसदों को प्रोटोकाल के तहत सरकारी सुविधाएं दी जाएंगी। लेकिन अगर कोई मंत्री यहां आने के बाद राजनीति करेगा तो उसे कोई सरकारी सुविधा मुफ्त नहीं मिलेगी।राजनीतिक पर्यवेक्षक इसे ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच चल रहे अघोषित युद्ध का नतीजा मान रहे हैं। ये दोनों दल एक-दूसरे पर बदले की राजनीति करने का आरोप लगाते रहे हैं। खासकर नारदा स्टिंग वीडियो कांड की सीबीआइ जांच के अदालती आदेश और रामनवमी के मौके पर निकलने वाले हथियारबंद जुलूसों ने दोनों दलों के बीच कड़वाहट और बढ़ा दी है। इन जुलूसों के मुद्दे पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज की गई है।

 

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  1. M
    manish agrawal
    Apr 12, 2017 at 9:04 am
    Mamta Benerji ko Central Govt ke saamne surrender karaana behad jaroori hai aur iske liye Kolkata aur West Bengal ke different areas, especially border areas main Indian Army aur Security Forces ke flag march, lagaataar arrange karne chaahiye.Chief Minister ke house aur office ke saamne bhi ye flag march hone chahiye aur Chief Minister Mamta Benerji ke kaafile ko, tapti huyi dhoop main kam se kam 2hours tak road par hi roka jana chahiye. Mamta Benerji ko ye ehsaas dilaana hoga ki jis tarah Supreme Court ke saamne District Court ki koyi aukaat nahi hoti, usi tarah Central Govt ke saamne West Bengal Govt ki koyi aukaat nahi ! Governors ko jyada powers dena chaahiye taaki Chief Ministers control main rahe! Trinmool Congress ke saansad yadi Delhi main sarkari kaamkaaz ke alaawa koyi political byaan de to unki Parliament se milne wali subhidhaaye aur ry band kar de.
    Reply
  2. M
    manish agrawal
    Apr 12, 2017 at 8:38 am
    Central govt ke kisi bhi Minister ya officer ke official duty main aane par bhojan aur avaas ki arrangements,state govt ko karna hi hota hai. koyi particular visit official hai,political hai ya personal hai, ye decide karna state govt ke adhikaar main nahi balki Central Govt ke adhikaar main hota hai !Central Govt ne yadi kisi visit ko official declare kiya hai to state govt usko political ya private visit gho nahi kar sakti dira hiji jab Prime Minister thee to kisi Chief Minister ki aukaat nahi thee ki Mamta Benerji ki tarah Central Govt ke orders ki mukhaalfat kare !Kiran Rijiju Home Ministry main Rajyamantri hain aur sabhi states unke under main aate hain, isliye bhi Mamta Benerji ka ye insulting behaviour,INSUBORDINATION ki category main aata hai. Kiran Rijijuji ko chahiye ki West Bengal ke visit par CRPF ke 10000 jawans apni security ke liye saath leke jaayen aur unko orders hona chahiye ki state govt ke kisi bhi Minister ya officer ke choon-chapad karte hi Shoot kar de!
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