August 19, 2017

ताज़ा खबर

 

सौरव गांगुली को मजबूरी में करनी पड़ी टैक्सी की सवारी, हैरान हुए कोलकाता के फैंस

शहर के एक पंचतारा होटल के सुरक्षार्किमयों को शायद ही पहले कभी ऐसा नजारा देखने को मिला होगा जब शहर के स्टार सौरव गांगुली पीले रंग की एंबेसडर टैक्सी में होटल पहुंचे हों।

Author August 2, 2017 16:16 pm
पूर्व भारतीय क्रिकेटर सौरव गांगुली। (Source: Express Photo by Partha Paul)

शहर के एक पंचतारा होटल के सुरक्षार्किमयों को शायद ही पहले कभी ऐसा नजारा देखने को मिला होगा जब शहर के स्टार सौरव गांगुली पीले रंग की एंबेसडर टैक्सी में होटल पहुंचे हों। गांगुली के पास कई गाड़ियां हैं और वह अमूमन अपनी बीएमडब्ल्यू में जाना पसंद करते हैं लेकिन आज जब वह बीसीसीआई बैठक में भाग लेने के लिये घर से निकले तो उनकी यह पसंदीदा कार आधे रास्ते में खराब हो गयी। गांगुली के ड्राइवर ने कहा, ‘‘बीएमडब्ल्यू एक्साइट क्रासिंग के पास ली रोड पर खराब हो गयी। उन्होंने वहीं से पीले रंग की टैक्सी की और बैठक के लिये निकले।’’ इस पूर्व भारतीय कप्तान को पंच तारा होटल के परिसर के बाहर सामान्य टैक्सी से उतरते हुए देखा गया। बंगाल क्रिकेट संघ (कैब) के अध्यक्ष ने इसके बाद बीसीसीआई की तकनीकी समिति की बैठक की अध्यक्षता की।

बता दें सौरव गांगुली बीसीसीआई की एक अहम बैठक में शामिल होने गए थे। इस दौरान गांगुली ने बीसीसीआई से रणजी ट्राफी में खेलने वाले घरेलू क्रिकेटरों के लिये पर्याप्त वेतन वृद्धि करने पर विचार करने का आग्रह किया। पता चला है कि गांगुली ने कोलकाता में बीसीसीआई की तकनीकी समिति की बैठक के दौरान इस मसले पर विस्तार से बात की। बीसीसीआई की तकनीकी समिति के एक सदस्य ने पीटीआई से कहा, ‘‘गांगुली ने मुंबई में रणजी कप्तानों और कोचों के सम्मेलन में उठाये गये मसलों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि सभी कप्तानों ने घरेलू टूर्नामेंट में मैच शुल्क में बढ़ोतरी करने पर बात की थी। ’’

अधिकारी ने कहा, ‘‘जब उन्हें बताया गया कि एक रणजी क्रिकेटर औसतन एक सत्र में दस लाख रूपये की कमाई करता है तो उन्होंने कहा कि यह बहुत कम है। दादा का कहना था कि सभी घरेलू खिलाड़ी नौकरी नहीं करते हैं। इसलिए कई प्रतिभाशाली क्रिकेटर चोटिल होने और टीम से बाहर होने के डर से असुरक्षित महसूस करते हैं।’’ गांगुली ने सदस्यों को खिलाड़ियों के मैच शुल्क में पर्याप्त वृद्धि करने पर गंभीरता से विचार करने के लिये कहा। सभी सदस्य उनके विचार पर सहमत थे। गौरतलब है कि भारतीय आफ स्पिनर हरभजन सिंह ने पूर्व कोच अनिल कुंबले को पत्र लिखकर उन्हें रणजी ट्राफी खिलाड़ियों की खराब स्थिति के बारे में बताया था। कुंबले ने हालांकि अपने विजन दस्तावेज में घरेलू क्रिकेटरों के बारे में जिक्र नहीं किया था।

 

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

First Published on August 2, 2017 8:30 am

  1. No Comments.
सबरंग