December 06, 2016

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समान नागरिक संहिता थोपने का प्रयास कर रही है मोदी सरकार: इमाम

इदरिस अली ने कहा, ‘हम केन्द्र के ऐसे किसी भी कदम का विरोध करेंगे और कुरान में संशोधन का प्रयास करने वाले किसी भी व्यक्ति को रोकेंगे।’

Author कोलकाता | October 21, 2016 19:07 pm
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। (FILE PHOTO)

तृणमूल कांग्रेस के दो सांसदों सहित टीपू सुल्तान मस्जिद के शाही इमाम सैयद मोहम्मद नुरूर रहमान बरकती ने शुक्रवार (21 अक्टूबर) को नरेन्द्र मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि वह समान नागरिक संहिता ‘थोपकर देश का ध्रुवीकरण’ करने का प्रयास कर रही है। आरोप लगाते हुए कि मोदी सरकार मुसलमानों पर समान नागरिक संहिता ‘थोपने’ का प्रयास कर रही है, इमाम ने मुसलमानों के साथ-साथ हिन्दुओं, ईसाईयों, दलितों और अन्य समुदायों से साथ आकर इस कदम का विरोध करने को कहा।

इमाम भीड़भाड़ वाले धरमतला इलाके में स्थित टीपू सुल्तान मस्जिद के सामने प्रदर्शन कर रहे लोगों को संबोधित कर रहे थे। यहां तृणमूल कांग्रेस के दो सांसद सुल्तान अहमद और इदरिस अली भी मौजूद थे। सुल्तान अहमद ने संवाददाताओं से कहा, ‘मैं समान नागरिक संहिता का विरोध करने के लिए कार्यक्रम में शामिल होने आया हूं।’ सुल्तान अहमद ने कहा, ‘देश में समान नागरिक संहिता नहीं हो सकती है। इससे देश की एकता भंग होगी। देश में मुसलमानों को निशाना बनाया जा रहा है और केन्द्र मुसलमानों पर समान नागरिक संहिता थोपने का प्रयास कर रहा है। हमें कानून विरासत में मिले हैं और हम कोई हस्तक्षेप नहीं होने देंगे।’

यह पूछने पर कि क्या यह उनकी पार्टी का विचार है, सांसद ने कहा, ‘यह तृणमूल कांग्रेस का कार्यालय नहीं है। आप हमारी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता से इसके बारे में पूछें।’ दूसरे सांसद इदरिस अली ने कहा, ‘किसी को कुरान में संशोधन करने नहीं दिया जाएगा।’ अली ने कहा, ‘हम केन्द्र के ऐसे किसी भी कदम का विरोध करेंगे और कुरान में संशोधन का प्रयास करने वाले किसी भी व्यक्ति को रोकेंगे।’ उन्होंने कहा कि केन्द्र के इस कदम के विरोध में शाही इमाम ने राष्ट्रव्यापी चक्का जाम का आह्वान किया है। पार्क सर्कस मैदान में एक रैली भी निकाली जाएगी।
भारतीय संवैधानिक इतिहास में पहली बार केन्द्र ने सात अक्तूबर को उच्चतम न्यायालय में हलफनामा दायर कर मुसलमानों में ‘एक साथ तीन तलाक की प्रथा’, निकाह हलाला और बहुविवाह का विरोध किया था और लैंगिक समानता तथा धर्मनिरपेक्षता के आधार पर समीक्षा का पक्ष लिया था।

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First Published on October 21, 2016 7:07 pm

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