December 06, 2016

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पश्चिम बंगाल में सेना की अभ्यास पर भड़की ममता बनर्जी, बोली- अपातकाल से भी खराब स्थिती

ममता इसे केंद्र सरकार द्वारा प्रदेश सरकार को डराने का मामला बता रही हैं।

पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी।

मुख्यमंत्री ममती बनर्जी आजकल केंद्र सरकार से कुछ ज्यादा ही नाराज दिखाई दे रही है। दिल्ली में अरविंद केजरीवाल के साथ सभा करने के बाद ममता ने पटना में भी सरकार के खिलाफ भी हमला बोला। इसके बाद उनका प्लेन की लाइडिंग को लेकर भी विवाद हो गया। इसी कड़ी में अब नया विवाद ममता और भारतीय सेना की अभ्यास के बीच देखने को मिल रहा है। दरहसल बंगाल के विभिन्न हिस्सों में आर्मी नजर आ रही है। कई जगहों पर सेना ने डेरा जमा लिया है। ममता इसे केंद्र सरकार द्वारा प्रदेश सरकार को डराने का मामला बता रही है तो वहीं सेना ने अपने अभ्यास बताया है। ममता बनर्जी का आरोप है प्रदेश सरकार को सूचित किए बगैर गुरुवार को राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या दो पर पलसित और दनकुनी के दो टोल प्लाजा पर सेना तैनात की गई है जो ‘अभूतपूर्व और गंभीर मुद्दा है।’ उन्होंने इसके विरोध करते हुए राज्य सचिवालय में ही डेरा डाल लिया।

उनका कहना है कि जब तक इसके सामने स्थित टोल प्लाजा से सेना नहीं हटाई जाती, वह तब तक वहां से नहीं हटेंगी । ममता ने कहा, ‘राज्य सरकार को सूचित किए बगैर दो टोल प्लाजा पर सेना तैनात की गयी है। यह बहुत गंभीर स्थिति है, आपातकाल से भी खराब।’ इस पर गुरुवार रात तक सेना टोल प्लाजा से हटा ली गई। इसके बाद पश्चिम बंगाल पुलिस ने भी दो ट्वीट करके दावा किया कि राज्य सरकार के सहमति लिए बिना पश्चिम बंगाल के करीब-करीब सभी इलाकों में सेना तैनात कर दी गई है।

सेना ने इस पूरे मसले पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि इस तरह की प्रैक्टिस पूरे देश में आर्मी सालाना तौर पर करती रहती है। इस तीन दिवसीय अभ्यास का कल (शुक्रवार को) आखिरी दिन है। इसका मकसद यह होता है कि सेना को किसी आपात स्थिति में कितने वाहन उपलब्ध हो सकते हैं। रक्षा मंत्रालय के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) ने बताया कि कुछ जगहों से जरूरी आंकड़े जुटा लिए गए हैं और आर्मी को वहां से हटने को कहा गया है। उन्हें कल दूसरी जगहों पर तैनात किया जाएगा। एक रक्षा प्रवक्ता ने कहा कि सेना साल में दो बार देशभर में ऐसा अभ्यास करती है जिसका लक्ष्य सड़कों के भारवहन संबंधी आंकड़े जुटाना होता है। इससे मुश्किल घड़ी में सेना को उपलब्ध कराया जा सके। विंग कमांडर एस. एस. बिर्दी ने कहा, ‘इसमें चौंकाने वाला कुछ भी नहीं है, क्योंकि यह सरकारी आदेश के अनुसार होता है।’

सेना का कहना है कि इस कवायद से डरने की कोई बात नहीं है और यह सरकार के आदेश के अनुसार ही होता है। वहीं ममता इस मुद्दे पर नरम पड़ती नहीं दिख रही है उन्होंने कहा है कि अवसर मिलने पर इस मुद्दे को लेकर मैं राष्ट्रपति से बात करेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘सेना हमारी संपत्ति है। हमें उनपर गर्व है। हमें बड़ी अपदाओं और सांप्रदायिक तनाव के दौरान सेना की जरुरत होती है।’ उन्होंने कहा था ‘मैं नहीं जानती कि क्या हुआ है। यदि छद्म अभ्यास है, तब भी राज्य सरकार को सूचित किया जाता है।’

 

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First Published on December 2, 2016 5:56 am

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