ताज़ा खबर
 

ममता ने धारण किया देवी दुर्गा का रूप

पहाड़ी क्षेत्र दार्जिलिंग से लेकर राजारहाट तक के नए शहरों को मूर्ति में जगह मिली है। इसमे ममता ने जितनी भी योजनाओं को अभी तक लागू किया है सबकी झलक दिखाई गई है। 4 अच्टूबर को इस साढ़े 5 फीट की इस मूर्ति का अनावरण प्रांतिक क्लब द्वारा कर दिया गया।
एक पंडाल ने बनाया ममता को मां दुर्गा। Image Source: Twitter/ PTI

बंगाल में इन दिनों जोर-शोर से दुर्गा पूजा मनाई जा रही है। वहीं चकदाह के एक पंडाल ने देवी दुर्गा के रूप में ममता बनर्जी को दिखाया है। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता को देवी दुर्गा को तौर पर दिखाने वाली इस मूर्ति के दस हाथ हैं। इसमें मूर्ति को ममता की तरह ही साड़ी पहनाई गई है। पिछले पांच सालों में ममता ने जिन सरकारी योजनाओं को लागू किया है उन्हीं को मूर्ति के दस हाथों में दिखाया गया है। इन हाथों को ममता की मूर्ती के पीछे लगाया गया है। वहीं ममता हाथ जोड़े हुए नजर आ रही हैं। सबसे दिलचस्प बात ये है कि इस मूर्ति को बंगाल के नक्शे की तरह बनाया गया है। इसमे सभी 25 जिलों को दिखाया गया है।

वीडियो: मोदी सरकार करेगी ‘मुस्लिम पंचायत’, गुरूवार से होगी शुरुआत

पहाड़ी क्षेत्र दार्जिलिंग से लेकर राजारहाट तक के नए शहरों को मूर्ति में जगह मिली है। इसमे ममता ने जितनी भी योजनाओं को अभी तक लागू किया है सबकी झलक दिखाई गई है। 4 अक्टूबर को इस साढ़े 5 फीट की इस मूर्ति का अनावरण प्रांतिक क्लब द्वारा कर दिया गया। ममता की इस मूर्ति बनाने के पीछे की वजह का पता नहीं चल पाया है। बंगाल में दीदी के नाम से मशहूर ममता अब तक दो दर्जन से ज्यादा पूजा पंडालों का उद्घाटन कर चुकी हैं।

Read Also: सरकारी संपत्ति नष्ट करने पर देना होगा जुर्माना : ममता बनर्जी

गोरक्षकों को कड़ी चेतावनी देते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार (12 सितंबर) को कहा कि यदि किसी ने कानून तोड़ा तो कानून फिर अपने ढंग से काम करेगा। मुख्यमंत्री ने यह बात इस सवाल के जवाब में कही कि क्या गोरक्षकों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। ममता ने कहा, ‘कोई शाकाहारी व्यक्ति शाकाहारी भोजन करेगा जबकि मांसाहारी व्यक्ति मांसाहार करेगा। ये लोग बताने वाले कौन होते हैं कि मैं क्या खाऊं।’ बनर्जी ने राज्य सचिवालय में संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘मैं सभी से अनुरोध करूंगी गंदी चालें न खेलें। सभी को अपने धर्म के पालन का अधिकार है और वे गायें गिन रहे हैं। यूरोप में लोग गाय खाते हैं। आदिवासी लोग भी गाय खाते हैं।’

Read Also: ममता ने गोरक्षकों को किया आगाह, कहा- ये लोग बताने वाले कौन होते हैं कि मैं क्या खाऊं

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.
सबरंग