June 26, 2017

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नोटबंदी पर गरजीं ममता बनर्जी- मैं मरूं या जीऊं पीएम मोदी को भारतीय राजनीति से हटा दूंगी

पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी ने नोटबंदी के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा कि वे उन्‍हें राजनीति से हटाकर रहेंगी।

पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी ने नोटबंदी के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा कि वे उन्‍हें राजनीति से हटाकर रहेंगी।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार (28 नवंबर) को चेतावनी दी कि नोटबंदी के खिलाफ वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आवास के बाहर प्रदर्शन करेंगी और कहा कि अगर उच्च मूल्य वाले नोटों का विमुद्रीकरण वापस नहीं लिया जाता है तो वह उन्हें सत्ता से हटा देंगी। उन्होंने यहां एक रैली में कहा, ‘पूरा देश पीड़ित है। बैंक, एटीएम में पैसे नहीं हैं। नोटबंदी से हुई दिक्कतों के कारण अभी तक 80 लोगों की जान जा चुकी है। लेकिन नरेन्द्र मोदी गहरी निद्रा में सो रहे हैं और देश को नकदी रहित अर्थव्यवस्था की तरफ ले जाने पर व्याख्यान दे रहे हैं।’ कॉलेज स्क्वायर से एस्प्लेनेड तक विरोध मार्च के बाद बनर्जी ने कहा, ‘ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकतर लोगों के पास बैंक खाते नहीं हैं। वे इस स्थिति से कैसे निपटेंगे?’ मोदी के खिलाफ अपना विरोध जारी रखते हुए बनर्जी ने कहा कि ‘जन विरोधी’ निर्णय के खिलाफ वह अंत तक लड़ेंगी जिसने देश में ‘अघोषित आर्थिक आपातकाल’ लगा दिया है।

बनर्जी ने कहा, ‘मैं तब तक नहीं रुकूंगी जब तक कि इस निर्णय को वापस नहीं ले लिया जाता है। मैंने इस स्थिति से निपटने के लिए समाधान भी बताए हैं। लेकिन उन्होंने (केंद्र) स्वीकार नहीं किया।’ उन्होंने कहा, ‘जो भी उनका विरोध करता है, उनकी आवाज दबाने के लिए वे सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग को भेज देते हैं। लेकिन वह मेरी आवाज नहीं दबा सकते। मैं फिर दिल्ली जाऊंगी और अपनी आवाज उठाऊंगी, विरोध मार्च निकालूंगी और जरूरत पड़ने पर मोदी के घर के बाहर प्रदर्शन करूंगी… मैं तब तक नहीं रुकूंगी जब तक वह सत्ता से नहीं हट जाते।’ तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ने पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ कोलकाता के मध्य में विशाल रैली निकाली। उन्होंने ‘जन विरोधी’ नीति के खिलाफ विरोध जताने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले बुद्धिजीवियों की प्रशंसा की।

बनर्जी ने खुद ही ‘मोदी सरकार हाय हाय’ और ‘तानाशाही नहीं चलेगी’ जैसे नारे लगाए। बनर्जी ने नोटबंदी के मुद्दे पर दिल्ली में 23 नवम्बर को धरना दिया था और कल राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात की थी। वह 29 नवम्बर को लखनऊ और अगले दिन पटना में सभा को संबोधित करने वाली हैं। बनर्जी ने कहा, ‘लखनऊ में मेरी ज्यादा ताकत नहीं है लेकिन मेरा मानना है कि आम आदमी मेरे साथ है।’ इस मुद्दे पर मोदी सरकार के खिलाफ विपक्ष के हमले में वह अग्रणी हैं। टीएमसी प्रमुख ने कहा, ‘नोटबंदी के खिलाफ आवाज उठाने वाले दूसरे दलों को प्रधानमंत्री धमकी दे रहे हैं। आप हमें जेल भिजवाने के अलावा और क्या कर सकते हैं। नोटबंदी पर कार्ययोजना होनी चाहिए।’ उन्होंने कहा, ‘अगर लोगों के पास पैसा नहीं होगा तो वे क्या खाएंगे? क्या वे डेबिट कार्ड या मोबाइल खाएंगे?’ बनर्जी ने वामपंथी दलों को सलाह दी कि बंद का आह्वान नहीं करें क्योंकि इससे अर्थव्यवस्था पर विपरीत असर होगा। वामपंथी दलों ने इस मुद्दे पर राज्य में 12 घंटे के बंद की अपील की है। उन्होंने कहा, ‘आप बंद क्यों बुला रहे हैं? अगर आप विरोध करना चाहते हैं तो आप सड़कों पर क्यों नहीं उतरते और मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी क्यों नहीं करते? हड़ताल और बंद से कोई उद्देश्य पूरा नहीं होगा।’

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First Published on November 28, 2016 2:30 pm

  1. A
    Anand Prajapati
    Nov 28, 2016 at 1:47 pm
    Keep it up.We're with you.
    Reply
    1. A
      Ajay Sharma
      Nov 28, 2016 at 1:18 pm
      Lol................Aaj ka bda joke Mamta fir se tu paida ho Modi Ko htane ke liye
      Reply
      1. A
        Amit Roy
        Nov 28, 2016 at 12:14 pm
        I can understand why she is saying so. She feels rejected and lonely. Modi is miles ahead of her, he is a world figure now. Where as she is a jehadi and Islamic sharia figure. Even village and party people started understanding her.
        Reply
        1. D
          Deepak Kumar
          Nov 29, 2016 at 6:59 am
          जनता सब समझती है और इन भ्रष्टाचारियों के बहकावे में नहीं आएगी।
          Reply
          1. D
            Deepak Kumar
            Nov 29, 2016 at 6:54 am
            ममता जी का हजारों करोड़ रूपया डूब गया है, जो उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने शारदा चिटफण्ड एवं अन्य घोटालों से अर्जित कर पार्टी सुप्रीमो के पास जमा कर रखा था। इसके कारण ममता अपना मानसिक संतुलन खो बैठी है।
            Reply
            1. D
              Deepak Kumar
              Nov 29, 2016 at 6:57 am
              रतन टाटा को नैनो कार फैक्ट्री के लिए जमीन देने के लिए ममता ने इतनी बड़ी रकम घूस में मांगी, जो टाटा के लिए काफी कठिन था। फिर भी ममता को उम्मीद थी कि मोलभाव के बाद थोड़ा ऊपर-नीचे बात बन जायेगी।परंतु अचानक मोदी (उस समय गुजरात के मुख्यमंत्री) मुफ्त/सस्ते में बिना कमीशन/घूस के जमीं देने को राजी हो गए। ममता के हाथ से एक बड़ी डील फिसल गयी।बस उसी वक्त से ममता मोदी जी के पीछे पड़ी हुई है।2014 लोकसभा चुनाव के समय ममता द्वारा मोदीजी के सम्बन्ध में दी गयी आपत्तिजनक गालीगलौज पूर्ण भाषा को याद कीजिये।
              Reply
              1. S
                Sp
                Nov 28, 2016 at 11:41 am
                Mamta ji This is India Not Bangal !! So please just Dream it , all Indian will proud on modi ji !!
                Reply
                1. M
                  MANENDRA SINGH
                  Nov 28, 2016 at 12:04 pm
                  bhakt bhi do tarah ke ho e hai, ek paid bhaktaur dusra andhbhakt.paid bhakt jyada samajhdaar hai. kyoki andhbhakt to asharam bapu ke bhi the jo unhe bhagwan ka avtar samajhte the
                  Reply
                  1. I
                    Islamuddin ansari
                    Nov 28, 2016 at 4:35 pm
                    Abey modi key kutton galigaloch dusron ki bhi Ati hai samjhey jishki fatti hai Jo kamjor hota hai jishki kishti doob rahi hoti hai tabhi tamam galiyan baktey HAI....samajhna beta Ab kisti aisey doobey gi firsay kahin najar nahi Aaogai
                    Reply
                    1. N
                      NAVNEET MANI
                      Nov 28, 2016 at 6:10 pm
                      देश का अगला आम चुनाव कुछ ऐसा होने जा रहा - मोदी जी एक तरफ, और दूसरी तरफ पूरा विपक्ष (इसमे खट, छछूंदर, चमड़, बीसखोपड़े, केंचुए, सियार, लकड़बग्घे... और बाकी सभी जंगली जीव-जंतु शामिल हैं |
                      Reply
                    2. L
                      LAKSHITA KANPUR
                      Nov 28, 2016 at 10:49 am
                      आपका दूसरा सब्द आपके लिए ठीक रहेगा क्यों की पहला आप के बस की बात नहीं है , शायद आपको अपने जनाधार का पता नहीं है ,बंगाल की गरीब और भोली जनता को आप लोग बना सकते है क्योंकि वो लोग बहुत दिनों तक कम्युनिस्ट पार्टियों द्वारा कुचले गए उन्हें आप में उम्मीद दिखी आप उनके दिन बदल देंगी लेकिन जो भी हो ये हिंदुस्तान है और पब्लिक सब जानती है . ख्वाब देखने का कुछ नहीं लगता ...................................................................................................
                      Reply
                      1. R
                        Rajesh
                        Nov 28, 2016 at 4:15 pm
                        Ye chor pm modi ji ka baal nhi okad sakte kajriwala murkh mantri chor desh dhari kajriwala mamta Rahul maya wati inko sabko jel me daal de pm modi ji jab tak not ka kaam na khatm ho gaddar
                        Reply
                        1. M
                          manoj
                          Nov 28, 2016 at 9:43 am
                          ममता दी को बहुत जल्दी जनता राजनैतिक विदाई देने वाली है ? जब श्रद्धा घोटाले में लोगों ने आत्महत्या के तब तो दीदी को इतना दर्द नहीं हुआ ? १९८४ के दंगे ? १९८९ भागलपुर के दंगे ? गैस के लाइन ? रेलवे के लाइन ? कभी दीदी को इतनाक आक्रोशित नहीं देखा ? और तो और कॉम्युनिटस के साथ भी हाँथ मिलाने को तैयार हैं ? सिर्फ इसलिए के जनता बैंक की लाइन में खरी है ? जनता के समस्या के लिए इतना गुस्सा ? आश्चयर्य ? या वजह कुछ और है और दिखाया कुछ और जा रहा है ?
                          Reply
                          1. N
                            Nishant Kumar
                            Nov 28, 2016 at 11:31 am
                            bhagwan aap ki aatma ko santi de
                            Reply
                            1. P
                              pinku
                              Nov 28, 2016 at 10:10 am
                              fir to mamta ka mr jana e behtr h...
                              Reply
                              1. R
                                radha
                                Nov 29, 2016 at 2:57 am
                                नोतटबंदी से नेताओं के कैरेक्टर पता चल गया एक तरफ ममता, अरविन्द, माया जैसे बड़बोले और बदतमीज़ नेता हैं दूसरी तरफ नवीन, नितीश, मुलक़ायन जैसे शालीन नेता हैं. मोदी जी के इस बड़े फैसले का विपक्ष अगर साथ देता तो जनता की आधी तकलीफ दूर हो जाती लेकिन ये नेता तो इनको उकसाने में और इनकी तकलीफ बढ़ने और जूठा प्रचार में ही लगे है, क्योंकि इनके लिए अपने प्रदेश में तो करने को कुछ है नहीं.
                                Reply
                                1. R
                                  raj kumar
                                  Nov 28, 2016 at 12:33 pm
                                  ममता जी और केजरीवाल दोनों बेचारे लगता हे की मोदी जी ने उनका करोडो रुपयो का नुकसान कर दिया जो वो इस तरह जले भुने बैठे हैं वह री राजनीती जनता में कोई विरोध नहीं हे पर राजनीत वाले जिस जनता का उन्होंने खून पिया उसी जनता के लिए दुबले हुए जा रहे हैं
                                  Reply
                                  1. R
                                    rahul
                                    Nov 28, 2016 at 9:38 am
                                    ममता जी के हौसले की दाद देनी चाहिए उन्होंने सच कहा है नोटबंदी जैसा जुंआ वही राष्ट्राध्यक्ष खेल सकता है जो या तो तानाशाह हो या उस देश मे विपक्ष ही न हो
                                    Reply
                                    1. R
                                      ROOPLAL
                                      Nov 28, 2016 at 12:58 pm
                                      २०-२५ साल बाद मोदी प्रधान मंत्री nahi रहेंगे तो ममता banarjee अपनी tarif khud करेंगी
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                                      1. R
                                        ramji
                                        Nov 28, 2016 at 1:39 pm
                                        मोदी जी काम से काम ९० साल तक प्रधान रहेंगे . ये १२५ साल के राजगुरु पूज्य रामदेव जी का आशीर्वाद है
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                                      2. R
                                        Rajendra Vora
                                        Nov 29, 2016 at 6:32 am
                                        तुमसे और कोई उमीद नहीं की जा सकती. जैसा लालन पालन वैसा ही व्यव्हार
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                                        1. S
                                          shailender singh
                                          Nov 28, 2016 at 11:57 am
                                          mamta ji sharda ghutla me marne wala ke liye aap ne kuch kiya desh me har rajaya me koi na koi suicide karta hai tab aap kaha hoti ho aawaz kyun nahi utta ti drama band karo aur desh ka saath do
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                                          1. S
                                            Swapan Kr
                                            Nov 28, 2016 at 5:04 pm
                                            ees Mamta ko toh Jail mein patak dena chaiyae----- she is a bloody opportunist joined hands with bloody Kejriwal--- all opposition leaders are useless
                                            Reply
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