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सिंगुर के किसान जमीन नहीं, उद्योग चाहते हैं

इसी सिंगुर के कुछ किसान जमीन वापसी के बजाए औद्योगिकरण के पक्ष में आवाज बुलंद करने लगे हैं।
Author कोलकाता | September 7, 2016 06:17 am
(Express File Photo)

 

 

हुगली जिले के सिंगुर में टाटा नैनो परियोजना के लिए अधिग्रहित जमीन को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद वापस देने की प्रक्रिया तेजी से जारी है।  राज्य सरकार की ओर से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निदेशानुसार हर रोज एक मंत्री मौके पर काम का मुआयना करने पहुंच रहे हैं। इस बीच, इसी सिंगुर के कुछ किसान जमीन वापसी के बजाए औद्योगिकरण के पक्ष में आवाज बुलंद करने लगे हैं। जमीन मालिकों के एक वर्ग ने कारखाना परिसर के कृषि अयोग्य जमीन में कारखाना बनाने की मांग की है। हालांकि इसकी परवाह किए बगैर राज्य सरकार की ओर से साफ-सफाई का काम जोर कदम से चल रहा है।

मालूम हो कि अधिग्रहण के समय वाममोर्चा की सरकार में जिन किसानों ने जमीन अधिग्रहण का विरोध किया था आज वे ही यू-टर्न लेते हुए औद्योगिकरण के पक्षधर दिख रहे हैं। कुछ किसान ऐसे भी हैं जो जमीन वापसी के साथ परिवार के एक सदस्य के लिए नौकरी की मांग कर रहे हैं। जानकर मंथन कर रहे हैं कि आखिर इसकी वजह क्या है ? क्या किसानों के बदले हुए स्वर परिस्थितियों के मुताबिक बदले हैं या फिर कुछ और वजह है? इस सवाल का जवाब फिलहाल सरकार के लिए बेमतलब है और काम जारी है। दूसरी ओर, मंगलवार सोमवार को साफ-सफाई और जमीन को मापने का काम जारी रहा। राज्य सरकार के अधिकारियों का कहना है कि यह सब कुछ कोर्ट के निदेर्शानुसार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने जैसा आदेश दिया है उसी के मुताबिक काम जारी है।

 

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