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चिटफंड घोटाले में ओड़िशा के पूर्व महाधिवक्ता अशोक मोहंती गिरफ्तार

भुवनेश्वर / कोलकाता। राज्य में निवेशकों को करोड़ों रुपए का चूना लगाने वाली पोंजी कंपनी ‘अर्थ तत्व ग्रुप’ के साथ कथित रूप से जुड़े होने के आरोप में ओड़िशा के पूर्व महाधिवक्ता अशोक मोहंती को सीबीआइ ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। दूसरी ओर कोलकाता में सीबीआइ की विशेष अपराध शाखा कई बैंकों के उन […]
Author September 23, 2014 09:08 am

भुवनेश्वर / कोलकाता। राज्य में निवेशकों को करोड़ों रुपए का चूना लगाने वाली पोंजी कंपनी ‘अर्थ तत्व ग्रुप’ के साथ कथित रूप से जुड़े होने के आरोप में ओड़िशा के पूर्व महाधिवक्ता अशोक मोहंती को सीबीआइ ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। दूसरी ओर कोलकाता में सीबीआइ की विशेष अपराध शाखा कई बैंकों के उन अधिकारियों से गवाह के तौर पर पूछताछ कर रही है, जिनमें सारदा समूह के खाते थे। जांच एजंसी ने आज कांग्रेस सांसद अबू हशीम खान चौधरी से भी पूछताछ की।

सूत्रों ने बताया कि ओड़िशा के पूर्व महाधिवक्ता मोहंती को कटक स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया गया। पूर्व महाधिवक्ता को तुरंत मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया। सीबीआइ के राज्य मुख्यालय में ले जाए जाने से पहले मोहंती ने संवाददाताओं से कहा, ‘आखिरकार सच्चाई सामने आएगी। ईश्वर और गुरु मेरे साक्षी हैं। मेरी अंतरात्मा के अनुसार मैंने कोई गलती नहीं की है।’

मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने 13 सितंबर को मोहंती से सीबीआइ की पूछताछ से एक दिन पहले महाधिवक्ता के पद से उनका इस्तीफा मंजूर कर लिया था। मोहंती ने दावा किया है कि ‘अर्थ तत्व ग्रुप’ के सीएमडी प्रदीप सेठी से एक मकान खरीदने के अलावा उनका कंपनी से कोई लेना-देना नहीं है।
पूर्व महाधिवक्ता का दावा है कि उन्होंने मकान के भुगतान के संबंध में बैंक के दस्तावेज भी सीबीआइ को दिखा दिए हैं।

हालांकि उन्हें पूछताछ के ठीक दस दिन बाद गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले मोहंती ने आरोपों का खंडन किया था कि उन्हें ‘अर्थ तत्व ग्रुप’ की ओर से कटक शहर में एक मकान उपहार में मिला है। उन्होंने कहा, ‘मुझे यह मुफ्त में नहीं मिला है। मैंने सेठी को भारतीय स्टेट बैंक में मौजूद अपने एकमात्र खाते से एक करोड़ एक लाख रुपए चेक से दिए हैं। मैंने सीबीआइ को सभी दस्तावेज दे दिए हैं।’

इस बीच स्थानीय अदालत ने एक निजी टीवी चैनल के मालिक मनोज दास की जमानत याचिका पर सुनवाई 24 सितंबर तक स्थगित कर दी। ‘अर्थ तत्व ग्रुप’ के साथ कथित संबंधों के आरोप मेंं दास न्यायिक हिरासत में हैं। दास ने कथित रूप से ‘अर्थ तत्व ग्रुप’ के सीएमडी प्रदीप सेठी से 90 लाख रुपए लिए और अपने मालिकाना हक वाले टेली पोर्ट के माध्यम से छह टीवी चैनल चलाने के लिए उसे (सेठी को) अपना बैंडविड्थ लीज पर दे दिया। दूसरी ओर सेठी ने सीबीआइ की पूछताछ में दावा किया है कि दास ने उनसे यह धन कर्ज के रूप में लिया है और नहीं लौटाया।

बैंक अफसरों से पूछताछ: उधर, कोलकाता में सीबीआइ की विशेष अपराध शाखा इस समय कई बैंकों के उन अधिकारियों से गवाह के तौर पर पूछताछ कर रही है जिनमें सारदा समूह के खाते थे। सीबीआइ के एक सूत्र ने कहा, ‘हम एक्सिस बैंक, बैंक आफ बड़ौदा और भारतीय स्टेट बैंक जैसे कई बैंकों के अधिकारियों से भी गवाहों के तौर पर पूछताछ कर रहे हैं।’ सूत्र ने बताया कि अधिकारियों से सारदा समूह की ओर से किए गए लेनदेन के बारे में पूछताछ की जा रही है। इन खातों की अब जांच एजंसी जांच कर रही है और इनके अधिकारियों को सफाई देने के लिए बुलाया गया है।

कांग्रेस सांसद चौधरी से भी पूछताछ: जांच एजंसी ने सोमवार को कांग्रेस सांसद अबू हशीम खान चौधरी से भी पूछताछ की, जिन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को सारदा चिटफंड घोटाला के संबंध में आम लोगों से पैसे जुटा रही ऐसी कंपनियों के कृत्यों के बारे में लिखा था, लेकिन बाद में उन्होंने अपना पत्र वापस ले लिया था। चौधरी लोकसभा में मालदा दक्षिण सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। वे कांग्रेस के दिवंगत नेता गनी खान चौधरी के भाई हैं। करोड़ों रुपए के सारदा घोटाले की जांच कर रही सीबीआइ की विशेष अपराध शाखा ने उनसे करीब तीन घंटे तक पूछताछ की।

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