ताज़ा खबर
 

‘वो मुझसे बात नहीं करती थीं, खाना नहीं खाती थीं’: मां की लाश के साथ 3 दिन बिताने वाला शख्‍स

नंदी के छोटे बेटे इंद्रदीप नंदी ने अपने मां के मरने की खबर किसी को नहीं बताई जबकि उसका बड़ा भाई इंद्रनील उसके पड़ोस में ही रहता था।
Author कोलकाता | September 10, 2017 16:07 pm
प्रतीकात्मक फोटो (Dreamstime)

एक बच्चा अपनी मां से कितना प्यार करता है इस बात का अंदाजा तो इसी से लगाया जा सकता है कि जब भी बच्चे को कोई दुख या चोट पहुंचती है तो वह सबसे पहले मां को ही पुकारता है। मां के प्रति इतना गहरा प्रेम पश्चिम बंगाल के कोलकाता में भी देखने को मिला जहां पर 35 वर्षीय एक व्यक्ति ने 3 दिन तक अपनी मां के शव को अपने पास रखा और खूब देखभाल की। यह मामला जिले के दुर्गापुर शहर का है। यह घटना उस समय सामने आई जब रबिंद्रपल्ली इलाके में रहने वाले लोगों ने एक अपार्टमेंट से गंदी बदबू आने की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस को अपार्टमेंट से शुक्रवार को 72 वर्षीय सनांनदा नंदी का शव बरामद हुआ।

पुलिस का कहना है कि नंदी की मौत करीब तीन दिन पहले हुई है। नंदी के छोटे बेटे इंद्रदीप नंदी ने अपने मां के मरने की खबर किसी को नहीं बताई जबकि उसका बड़ा भाई इंद्रनील उसके पड़ोस में ही रहता था। हिन्दुस्तान टाइम्स का अनुसार इंद्रदीप से जब पुलिस ने पूछताछ की तो उसने पुलिस से कहा कि उसकी मां उससे बात नहीं कर रही हैं और कुछ खा भी नहीं रही है। उसने पुलिस को बताया कि वह उसी बेड पर सो रहा था जिसपर उसकी मां का शव पड़ा हुआ था। इंद्रदीप ने कहा कि मैंने मां के लिए दाल-बनाए लेकिन उन्होंने नहीं खाए।

शनिवार को इंद्रदीप से पुलिस ने काफी देर बात की जिसके बाद वे अभी यह सोच रहे हैं कि उसे कहां मनोचिकित्सक के पास भेजा जाए। पुलिस ने सनांनदा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। स्थानीय लोगों से पूछताछ के बाद पुलिस को पता चला कि इंद्रदीप मानसिक रूप से बीमार है। इंद्रदीप की भाभी ने बताया वह काफी समय से दीमागी रूप से कमजोर है और वह समझ नहीं पा रही है कि इंद्रदीप ने इस बारे में किसी को क्यों नहीं बताया। वहीं इंद्रनील ने बताया कि वह अपनी मां से पिछले रविवार को मिला था और वे बिलकुल स्वस्थ थीं।

देखिए वीडियो

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.
सबरंग