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IIT खड़गपुर के छात्र ने पढ़ाई के तनाव में आकर लगाई फांसी

केरल के रहने वाले निपिन एन का शव उसके हॉस्टल के कमरे में पंखे से लटका हुआ मिला था।
इस तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीक के तौर पर किया गया है।

पश्चिम बंगाल के आईआईटी खरड़गपुर में एक बार फिर पढ़ाई के तनाव में आकर एक छात्र ने खुदकुशी कर ली है। शुक्रवार को केरल के रहने वाले निपिन एन का शव उसके हॉस्टल के कमरे में पंखे से लटका हुआ मिला था। बताया जा रहा है कि निपिन कई दिनों से तनाव में था, जिसके कारण उसने अपनी जिंदगी खत्म कर ली। निपिन फॉर्थ ईयर का छात्र था। इससे पहले इसी संस्थान के थर्ड ईयर के एक छात्र ने आत्महत्या कर ली थी। आंध्र प्रदेश के रहने वाले छात्र सना शीराज का शव रेलवे ट्रेक के पीछे पड़ा हुआ मिला था। जहां एक तरफ कॉलेज प्रशासन इसे आत्महत्या बता रहा था।  वहीं दूसरी तरफ शीराज के पिता ने आरोप लगाया था कि शीराज को उसके क्लासमैट प्रताड़ित करते थे जिसके कारण उसने आत्महत्या की थी।

इससे पहले मार्च में आईआईटी दिल्ली के एक छात्र ने हॉस्टल की चौथी मंजिल से कूद कर अपनी जान दे दी थी। नीतीश कुमार पुर्ती ने 2016 में आईआईटी दिल्ली में दाखिला लिया था। इस मामले पर पुलिस ने कहा था कि नीतीश पर पढ़ाई का बहुत दवाब था जिसे वह सहन नहीं कर पाया और नीतीश ने आत्महत्या कर ली। इसी महीने एनआईटी वरंगल के अंतिम वर्ष के इंजीनियरिंग छात्र ने हॉस्टल की पांचवी मंजिल से कूद कर खुदकुशी कर ली थी। वहीं आईआईटी मद्रास के कैंपस में दो छात्राओं ने आत्महत्या की थी।

इसके अलावा पिछले साल कोटा स्थित राजस्थान एंटरेंस टेस्ट कोचिंग हब के कम से कम 8 छात्रों ने मौत को गले लगा लिया था। इन मामलों को देखकर लगता है कि देश में इंजीनियरिंग और टेक्निकल संस्थानों द्वारा छात्रों पर इतना दवाब बनाया जा रहा है कि वे इससे बचने के लिए खुदकुशी कर रहे हैं। पिछले दो सालों में ऐसे कई संस्थानों के छात्रों ने आत्महत्या की है। छात्रों द्वारा की जा रही आत्महत्याओं से संस्थानों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

देखिए वीडियो - पश्चिम बंगाल: कार और ट्रक में हुई टक्कर में 8 की मौत, 2 घायल

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