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सीएम ममता बनर्जी ने सिंगूर की जमीन किसानों को सौंपी

राज्य की मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने गुरुवार को को हुगली जिला स्थित सिंगुर के समीप गोपालनगर में किसानों को वास्तविक रूप से जमीन सौंपते हुए कहा कि उन्होंने 2006 में जो वादा किया था, उसे निभाया है।
Author गोपालनगर | October 21, 2016 01:15 am

राज्य की मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने गुरुवार को को हुगली जिला स्थित सिंगुर के समीप गोपालनगर में किसानों को वास्तविक रूप से जमीन सौंपते हुए कहा कि उन्होंने 2006 में जो वादा किया था, उसे निभाया है। उन्होंने कहा कि किसानों से किए गए वादे को पूरा करने के लिए लंबी राजनीतिक व कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकार मांगने से नहीं मिलता, मौजूदा स्थिति में उसे छीनना पड़ता है। ममता ने कहा कि 997 एकड़ में से 65 एकड़ को छोड़ कर शेष जमीन किसानों को सौंपे जाने के लिए तैयार है। दस नवंबर तक समूची जमीन का कब्जा सौंपने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। गुरुवार को जैसे ही व्यवस्थित तरीके से किसानों को जमीन मिली, उन्होंने एक-दूसरों बधाई देते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 90 फीसद जमीन को समतल बनाने का काम पूरा हो गया है। सिंगुर में भूमि को समतल और उसे कृषि योग्य बनाने में ब्लॉक, जिला व राज्य स्तर के अधिकारियों ने अहम भूमिका निभाई है। साथ ही राज्य के कई मंत्रियों व विधायकों जो तत्परता दिखाई उसी का नतीजा है कि तय समय से पहले 90 फीसद जमीन कृषि योग्य बना ली गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि जमीन वापसी प्रक्रिया में पूरी ईमानदारी बरती गई है और पारदर्शिता के साथ व्यवस्थित तरीके से किसानों को उनकी जमीन दी जा रही है।


दूसरी ओर, टाटा समूह की नैनो गाड़ी परियोजना के लिए वाममोर्चा के शासनकाल में अधिकृत की गई 997 एकड़ जमीन में से गुरुवार को 103 एकड़ जमीन एक बार फिर से हुगली जिले के किसानों को पूरी तरह से व्यवस्थित कर दे दी गई। दोपहर बाद उन 298 किसानों को जमीन सौंप दी गई, जिनको 14 सितंबर को जमीन के कागजात व मुआवजा दिया गया था। बाकायदा मौजा, जीएल संख्या और दाग संख्या का बोर्ड लगा कर जमीनों की पहचान की गई और 298 किसानों को उनकी निजी जमीन पर बैठाया गया।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मंच पर आने से पहले जिले के अधिकारियों के साथ खेती के लायक बना दी गई जमीन पर गईं और वहां किसानों से बात कीं। इस बीच, अपनी-अपनी जमीन पर लगे बोर्ड के पास प्लास्टिक की कुर्सी बैठे हुगली जिला स्थित सिंगुर के किसानों ने न केवल एक-दूसरे को बधाई दी, बल्कि राज्य की मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के प्रति आभार भी जताया। किसानों ने बातचीत में कहा कि ममता बनर्जी की प्रतिबद्धता से ही उन्हें जमीन वापस मिली है।
एक सवाल के जवाब में प्रसेनजीत घोष ने बताया कि ममता बनर्जी सचमुच में मां-माटी-मानुष की नेत्री हैं। आप जिस जमीन पर खड़े हैं, क्या आप की है? इसके जवाब में घोष ने कहा कि जमीन मेरी मां शोरमा घोष के नाम पर है, लेकिन उनकी तबीयत खराब होने की वजह से वे आज नहीं आ सकी।
प्रसेनजीत ने बताया कि जमीन के कागजात 14 सितंबर को मेरी मां ने ही लिए थे, लेकिन वास्तविक रूप से जमीन लेने के लिए मैं आया हूं।

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