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गौ रक्षकों को विश्‍व हिंदू परिषद का सुझाव- पिटाई करो, मगर हड्डी मत तोड़ो

विश्व हिंदू परिषद ने कार्यकर्ताओं को कहा है कि पशु तस्करों को 'मारो मगर हड्डी मत तोड़ो।' अगर हड्डी टूटेगी तो पुलिस का सामना करना पड़ेगा।
Author नई दिल्ली | September 5, 2016 11:28 am
ऊना में मरी हुई गाय की चमड़ी उतारने के आरोप में दलितों की पिटाई की गई थी।

गौ रक्षकों को लेकर मची बहस के बीच विश्व हिंदू परिषद के गौ रक्षक विभाग ने तस्करों को हैंडल करने के लिए सुझाव दिया है। वीएचपी ने अपने सुझाव में कहा, ‘मारो लेकिन हड्डियां मत तोड़ो’। पश्चिमी यूपी और उत्तराखंड के गौ रक्षकों के साथ हुई मीटिंग को संबोधित करते हुए   वीएचपी के गौ रक्षा विभाग के सदस्य खेमचंद ने कहा कि किसी भी पशु तस्कर की गौ रक्षकों की सेना के सामने गैर-कानूनी रूप से पशुओं को ले जाने की हिम्मत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गाय की रक्षा करना मेक इन इंडिया नहीं, बल्कि देश को बचाना है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फर्जी गौरक्षकों पर दिए बयान पर खेमचंद ने कहा, ‘मैं उनके बयान से पूरी तरह सहमत नहीं हूं लेकिन यह बात मानता हूं कि कानून को हाथ में नहीं लिया जाना चाहिए।’ हमने अपने कार्यकर्ताओं को कहा है, ‘मारो मगर हड्डी मत तोड़ो।’ अगर हड्डी टूटेगी तो पुलिस का सामना करना पड़ेगा। गौ रक्षकों द्वारा पिटाई का वीडियो वायरल होने पर उन्होंने कहा कि वीडियो बनाने की जरुरत नहीं है। पिछले साल बजरंग दल के कार्यकर्ता विवेक प्रेमी द्वारा गौ हत्या के आरोप में मुस्लिम की पिटाई की गई थी और वीडियो बनाया गया था। वीडियो वायरल होने के बाद प्रेमी के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत के केस दर्ज किया गया था।

टीओई की रिपोर्ट के मुताबिक खेमचंद ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि मेरा मतलब सिर्फ गौ रक्षकों को यह बताना था कि कठिन परिस्थितियों में वह कैसे खुद को बचाएं। बहुत से लोगों को हमारे कार्यकर्ता द्वारा मोल लिए जाने वाले खतरों के बारे में नहीं पता है। हमारे कई कार्यकर्ता गौ रक्षा के लिए शहीद हो चुके हैं। ऐसी परिस्थिति में हम पशु तस्करों का सामना कैसे करे। इस समय हमारे पास खुद को बचाने का एक ही सहारा होता है और वो है लाठी, जबकि तस्करों के हाथों में बंदूक होती है। प्रधानमंत्री मोदी को पूर्व प्रचारक बताते हुए खेमचंद ने कहा कि पहले के दिनों में भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था आपको क्या लगता है कि यह सिर्फ मेक इन इंडिया के कारण कहा जाता था। उन्होंने कहा कि भारत गाय की रक्षा से बचेगा, मेक इन इंडिया से नहीं।

 

 

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