ताज़ा खबर
 

घूंघट विवादः हरियाणा में सरकारी पत्रिकाओं का प्रकाशन रुका

हरियाणा सरकार ने मौखिक आदेश जारी करते हुए लोक संपर्क विभाग के माध्यम से प्रकाशित होने वाली सरकारी पत्रिकाओं के प्रकाशन पर अस्थाई रूप से रोक लगा दी है।
Author चंडीगढ़ | July 7, 2017 00:25 am

हरियाणा सरकार ने मौखिक आदेश जारी करते हुए लोक संपर्क विभाग के माध्यम से प्रकाशित होने वाली सरकारी पत्रिकाओं के प्रकाशन पर अस्थाई रूप से रोक लगा दी है। सरकार ने यह आदेश अपनी ही पत्रिका में प्रकाशित एक विवादित फोटो के बाद लिया है। इस मामले में किसी कर्मचारी की जिम्मेदारी तय करने की बजाय सरकार ने फिलहाल सभी कर्मचारियों को खाली बिठा दिया है। गौरतलब है कि हरियाणा सरकार द्वारा लंबे समय से संवाद सोसायटी के माध्यम से हरियाणा संवाद, कृषि संवाद, हरियाणा रिव्यू, उभरदा हरियाणा, तामिर ए हरियाणा, लेबर जरनल, विज्ञान दर्पण, स्काऊट संवाद आदि हिंदी, पंजाबी व उर्दू पत्रिकाओं का प्रकाशन करके अपनी नीतियों एवं योजनाओं का प्रचार किया जा रहा है। सरकार की कृषि संवाद पत्रिका के मार्च माह के अंक में कवर पेज पर जहां मुख्यमंत्री की फोटो प्रकाशित की गई थी, वहीं पत्रिका के अंतिम पृष्ठ पर घूंघट निकाले एक महिला की फोटो प्रकाशित करके घूंघट को हरियाणा की शान बताया गया था।

कृषि संवाद की इस फोटो पर खासा बवाल हो गया था और संवाद कर्मचारियों की कोताही का खमियाजा सरकार को भुगतना पड़ा था। इस विवाद के बाद सरकार ने किसी कर्मचारी या अधिकारी की जिमेदारी तो तय नहीं की अलबत्ता मौखिक आदेश जारी करके सरकारी पत्रिकाओं के प्रकाशन पर रोक लगा दी है। हरियाणा सरकार द्वारा लोक संपर्क विभाग के माध्यम से चलाई जा रही संवाद सोसायटी लंबे समय से विवादों में रही है। पूर्व हुड्डा सरकार के कार्यकाल के दौरान संवाद के माध्यम प्रकाशित होने वाले सरकारी कलैंडर, डायरियों आदि के प्रकाशन को लेकर भी विवाद हुआ था। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद संवाद में कई अहम पद रिक्त हैं या उन पर अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

सूत्रों की मानें तो अब नए विवाद के बाद प्रदेश सरकार पूर्व हुड्डा सरकार के कार्यकाल में भर्ती हुए शकालिक कर्मचारियों को पदमुक्त करके उनके स्थान पर नई भर्तियां करने की तैयारी में है। पहले चरण में यहां 22 कर्मचारी व अधिकारियों की भर्तियां की जाएंगी जिनका प्रस्ताव तैयार होकर मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव के पास पहुंच चुका है। माना जा रहा है कि अब सरकार नए कर्मचारियों की भर्तियों के बाद ही अपनी पत्रिकाओं का नियमित प्रकाशन शुरू करेगी।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.