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फिर थाली से लापता हो जाएंगी सब्जियां

राजधानी के लोगों की थालियों में से जल्द ही फल और सब्जियां पूरी तरह गायब हो सकती हैं। बारिश के चलते पहले ही फल और सब्जियां महंगी हैं और अब उन पर हड़ताल की भी मार पड़ सकती है क्योंकि एशिया की सबसे बड़ी फल और सब्जी मंडी आजादपुर के कारोबारी और मजदूर सोमवार से हड़ताल पर जाने की तैयारी कर रहे हैं।
हेल्दी सब्जियां

सियासत भी कम नहीं आजादपुर राजनीति का भी केंद्र रही है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सबसे पहले यहीं पर नोटबंदी का विरोध किया था, जबकि मंडी के व्यापारियों ने उनका विरोध किया था और उन्हें काले झंडे भी दिखाए थे। कांग्रेस के शासनकाल में भी यहां पर राजनीति गरम रही है। जो भी सरकार सत्ता में होती है, वह यहां की मंडी समिति पर कब्जा करने के लिए जोड़-तोड़ करती रहती है। .

राजधानी के लोगों की थालियों में से जल्द ही फल और सब्जियां पूरी तरह गायब हो सकती हैं। बारिश के चलते पहले ही फल और सब्जियां महंगी हैं और अब उन पर हड़ताल की भी मार पड़ सकती है क्योंकि एशिया की सबसे बड़ी फल और सब्जी मंडी आजादपुर के कारोबारी और मजदूर सोमवार से हड़ताल पर जाने की तैयारी कर रहे हैं। इस आशंका से राजधानी में फल और सब्जियों के दाम बढ़ने शुरू हो गए हैं। वैसे हड़ताल की असली वजह मंडी में आम आदमी पार्टी के लोगों की दिनोंदिन बढ़ रही दखलअंदाजी है। मंडी प्रशासन सरकारी दबाव में उन लोगों को यहां धंधा करने के लिए थड़े (जगह) आबंटित कर रहा है, जिनमें से ज्यादातर इसके हकदार ही नहीं बताए जाते हैं। यहां पर भाजपा व कांग्रेस से जुड़े व्यापारी एक तरफ हो गए हैं और आम आदमी पार्टी से जुड़े व्यापारी दूसरी तरफ हैं। मंडी में चल रही आढ़तियों की गुटबाजी और फल-सब्जियों की आवक कम होने से दिल्ली के फुटकर बाजार पर इसका खासा असर पड़ रहा है। लोगों की थाली में से टमाटर पहले ही गायब हो चुका है और अब प्याज भी आम आदमी को आंसू बहाने पर मजबूर कर सकता है। बताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में प्याज की कीमत में खासी बढ़ोतरी हो सकती है।

जुलाई में टमाटर के दाम ने शतक लगाया और अब अगस्त में प्याज भी टमाटर की तरह महंगा हो सकता है। बताया जा रहा है कि प्याज की कीमत 100 फीसद तक बढ़ गई है। प्याज महंगा होने से किसानों के चेहरे पर खुशी और आम लागों के चेहरे पर मायूसी छा गई है। देश भर की मंडियों में प्याज की आवक कम हो गई है, जिसके कारण इसकी कीमत लगातार बढ़ रही है। दिल्ली की सबसे बड़ी थोक मंडी में इस समय प्याज के दाम करीब 18 रुपए किलो तक पहुंच गए हैं। फुटकर बाजार में प्याज की कीमत 20 रुपए से बढ़कर 30 रुपए तक हो गई है। बताया जा रहा है कि मांग के बावजूद सबसे बढ़िया प्याज मंडियों में नहीं मिल रहा है।
व्यापारियों के मुताबिक, मध्य प्रदेश, गुजरात और राजस्थान में बारिश व बाढ़ के कारण काफी प्याज सड़ गया है। वहीं दूसरी तरफ कर्नाटक, महाराष्टÑ व आंध्र प्रदेश में कम बारिश के कारण प्याज की ज्यादा पैदावार नहीं हो सकी।

दिल्ली में आजादपुर मंडी से ही फल और सब्जियों के दाम तय और नियंत्रित होते हैं। देशभर से किसान अपना सामान बिक्री के लिए यहां लेकर आते हैं। यहां पर 18 प्लेटफार्म बने हुए हैं, जहां पर करीब 3000 आढ़ती किसानों से सामान ख्ररीदकर आगे बेचते हैं। आढ़त लगाने वालों को आजादपुर मंडी कमेटी लाइसेंस देती है। यहां पर फल और सब्जियों के मौसम के हिसाब से थड़े आबंटित किए जाते हैं। इसका फैसला भी मंडी कमेटी और यहां का एसोसिएशन करता है। फिलहाल यहां पर मंडी कमेटी नहीं है और नई कमेटी की अधिसूचना भी जारी नहीं हुई है। मंडी के आढ़ती अनिल मल्होत्रा का कहना है कि मंडी प्रशासन आम आदमी पार्टी के लोगों के दबाव में काम कर रहा है। प्रशासन यहां पर उन लोगों को थड़े आबंटित कर रहा है, जो इस मंडी से नए-नए जुड़े हैं, जबकि यहां पर पहले पुराने आढ़तियों को वरीयता दी जानी चाहिए थी। व्यापारियों का कहना है कि चंद लोगों ने मंडी प्रशासन से सांठगांठ करके पूरे साल आलू के थड़े लगाए रखे, जिसकी वजह से सेब के व्यापारी यहां पर सेब का धंधा नहीं कर पाए, और उनका काफी नुकसान हुआ।

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