ताज़ा खबर
 

अपनों ने घेरा वसुंधरा सरकार को विधायकों में जमकर गुटबाजी

राजस्थान में भाजपा सरकार अपने लोगों की ही घेरेबंदी में फंस गई है। भाजपा के ही नेता सरकार की विफलताओं को लेकर हमले कर रहे हैं। दूसरी तरफ कई जिलों के विधायकों में आपसी गुटबाजी चरम पर है।
राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे

राजस्थान में भाजपा सरकार अपने लोगों की ही घेरेबंदी में फंस गई है। भाजपा के ही नेता सरकार की विफलताओं को लेकर हमले कर रहे हैं। दूसरी तरफ कई जिलों के विधायकों में आपसी गुटबाजी चरम पर है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के हाल के कोटा दौरे में पार्टी विधायकों ने एक दूसरे की जमकर छिछालेदार की। राज्य में भाजपा सरकार के ढाई साल पूरे होने के बाद अब विधायकों के साथ ही पार्टी के लोगों में बगावत के स्वर भी उभरने लगे हैं। वरिष्ठ विधायक घनश्याम तिवाड़ी तो सरकार के कामकाज के तरीकों से खासे खफा हैं। तिवाड़ी ने हाल में अलवर का दौरा किया तो उनके समर्थन में पार्टी के निष्ठावान लोगों का जमावड़ा लग गया। खांटी संघी तिवाड़ी पूर्व में कई बार मंत्री रह चुके हैं और पार्टी में उनकी गिनती वरिष्ठतम विधायकों में होती है। तिवाड़ी कई मौकों पर सरकार के जनहित विरोधी कामों का खुल कर विरोध कर चुके हैं। इन दिनों उनके निशाने पर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के साथ ही प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अशोक परनामी भी हैं। तिवाड़ी से मुकाबले के लिए विरोधी खेमे ने जयपुर के सांसद रामचरण बोहरा को उतार रखा है। बोहरा ने तिवाड़ी के विधानसभा क्षेत्र सांगानेर में खासा दखल दे रखा है।

तिवाड़ी इन दिनों दीनदयाल वाहिनी बना कर अपनी गतिविधियां चला रहे हैं। इसके जरिये उन्होंने प्रदेश के कई इलाकों का दौरा भी किया है। दीनदयाल वाहिनी की कमान उनके बेटे अखिलेश तिवाड़ी ने संभाल रखी है। अखिलेश तिवाड़ी ने यहां सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राजस्थान के हर इलाके में सरकार की नाकामियों की चर्चा हो रही है। प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह से नाकाम साबित हो रहा है। संस्थागत भ्रष्टाचार जडेंÞ जमा चुका है। सरकार नाम की कोई चीज कहीं दिखाई नहीं देती है। उन्होंने कहा कि वाहिनी का प्रदेश स्तर का सम्मेलन यहां छह जुलाई को होगा। उनका कहना है कि इस मौके पर उनके पिता विधायक घनश्याम तिवाड़ी की लिखी पुस्तक ‘आरक्षण-मेरी भूमिका’ का लोकार्पण भी होगा।

इस दौरान प्रदेश भर से दीनदयाल उपाध्याय के विचारों में भरोसा रखने वाले निष्ठावान कार्यकर्ताओं का समागम होगा। उनका कहना है कि सांगानेर विधानसभा क्षेत्र में प्रशिक्षण के नाम पर घनश्याम तिवाड़ी के साथ हुई हिंसक घटना की प्रदेश भाजपा नेतृत्व ने अनदेखी की है। उनका कहना है कि प्रदेश में दाम दो काम कराओ योजना सरकार में चल रही है।
वरिष्ठ विधायक तिवाड़ी की नाराजगी को झेल रही भाजपा सरकार को अब कोटा जिले के विधायकों के आपसी झगडेÞ-टंटों का भी सामना करना पड़ रहा है। कोटा में विधायक प्रहलाद गुंजल को मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का खुला समर्थन मिलने से कई विधायक नाराज हो गए हैं। गुंजल ने कोटा में एक आयोजन रखा था, उसमें मुख्यमंत्री भी शामिल हुई थीं। इसी आयोजन में विधायक भवानी सिंह राजावत ने कई तंज कसे। उनका कहना था कि भीड़ जुटा कर कोई मंत्री नहीं बन सकता। इस पर गुंजल के समर्थकों ने हो-हल्ला मचा दिया था। इसी जिले की विधायक चंद्रकांता मेघवाल भी गुंजल के बर्ताव से खासी परेशान हैं। मुख्यमंत्री के दौरे से पहले प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी ने कोटा जाकर विधायकों को समझाया था। इसके बावजूद पार्टी नेतृत्व कोटा के भाजपा विधायकों की आपसी खेमेबंदी को रोक पाने में नाकाम रहा।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.