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महबूबा ने युवाओं के खिलाफ दर्ज मामलों की समीक्षा का आदेश दिया

जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने उन युवाओं के खिलाफ दर्ज मामलों की समीक्षा का आज आदेश दिया, जो घाटी में पांच महीनों से अधिक समय तक रही अशांति के दौरान ‘‘गंभीर अपराधों’’ में शामिल नहीं थे।
Author श्रीनगर | December 26, 2016 09:53 am
जम्मू कश्मीर की सीएम महबूहा मुफ्ती

जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने उन युवाओं के खिलाफ दर्ज मामलों की समीक्षा का आज आदेश दिया, जो घाटी में पांच महीनों से अधिक समय तक रही अशांति के दौरान ‘‘गंभीर अपराधों’’ में शामिल नहीं थे। एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि महबूबा ने दक्षिणी कश्मीर में विकास कार्यों की गति की समीक्षा के लिए बुलायी गयी बैठक में इस आशय का निर्देश दिया। बैठक में मुख्यमंत्री के अलावा मंत्रीगण, कई वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल हुए।

प्रवक्ता ने महबूबा का हवाला देते हुए कहा कि अब बहुत युवा हिरासत में नहीं हैं और उन युवाओं के मामले में नरम रूख अपनाया जा सकता है जो किसी गंभीर अपराध में शामिल नहीं रहे हैं या जिनकी उम्र कम है। उन्होंने कहा कि बैठक के दौरान, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से घाटी में लोगों की ठंड से संबंधित जरूरतों खासकर बिजली तथा पानी की आपूर्ति, लकड़ी, ईंधन की उपलब्धता और राशन आदि पर भी ध्यान देने को कहा। महबूबा ने आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति का भी जायजा लिया। इसके पहले मुख्यमंत्री ने डाक बंग्ला परिसर में 4.88 करोड़ रूपए की लागत से तैयार एक सभागार का भी उद्घाटन किया।

बता दें कि जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट ने पिछले महीने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को स्कूलों को महफूज रखने के तौर तरीके खोजने का निर्देश दिया था, जो घाटी में जारी अशांति के दौर में उपद्रवियों के निशाने पर हैं। इसके जवाब में जम्मू-कश्मीर सरकार ने मंगलवार को हाई कोर्ट में कहा कि घाटी के हर एक स्कूल को सुरक्षा दे पाना असंभव है, हालांकि सरकार ने साफ किया कि स्कूल बिल्डिंग की सुरक्षा के लिए एक व्यापक योजना तैयार की गई है। एडिशनल एडवोकेट जनरल बशीर अहमद दार कोर्ट को बताया, “घाटी में 15000 स्कूल हैं और हमने इन सभी को तीन कैटेगरी में बांट दिया है। यह कैटेगरी अतिसंवेदनशील, संवेदनशील और सामान्य है। इनमें से अधिकतर स्कूल घनी आबादी वाले इलाकों में है, जहां हर समय इंसानी सुरक्षा नहीं दी जा सकती।”

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