May 30, 2017

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उत्तराखंड: कांग्रेस सरकार और संगठन में बढ़ी तल्खी, प्रदेश अध्यक्ष की बैठक में नहीं पहुंचे हरीश रावत

हरीश रावत ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय को दरकिनार करते हुए अब कांग्रेस में अन्य दलों के नेताओं की सीधी भर्ती करनी शुरू कर दी है।

Author देहरादून | October 4, 2016 05:36 am
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत। (पीटीआई फाइल फोटो)

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय को दरकिनार करते हुए अब कांग्रेस में अन्य दलों के नेताओं की सीधी भर्ती करनी शुरू कर दी है। इस तरह रावत ने पार्टी संगठन और पार्टी के अध्यक्ष किशोर उपाध्याय को ठिकाने लगाने का काम शुरू कर दिया है। रावत अब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय की बुलाई जा रही प्रदेश कार्यसमिति की बैठकों में भी हिस्सा नहीं ले रहे हैं।

पिछले दिनों कुमाऊ मंडल के कौशानी में किशोर उपाध्याय ने पार्टी की प्रदेश कार्यसमिति कि बैठक की। जिसमें भी रावत शामिल नहीं हुए। वहीं सोमवार को हरिद्वार के बहादराबाद ब्लॉक में बाहुबली जसवंत सिंह चौहान को कांग्रेस में शामिल कराने के लिए हरीश रावत देहरादून से हरिद्वार आए। रावत जसवंत सिंह की सभा में एक घंटा तक रहे। परन्तु हरिद्वार में ही सतपाल ब्रहमचारी के राधा कृष्ण धाम आश्रम में आयोजित प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में हरीश रावत शमिल होने नहीं गए। यह बैठक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय के ने बुलाई थी।

किशोर उपाध्याय ने जनसत्ता को बताया कि उन्होंने इस बैठक के लिए मुख्यमंत्री हरीश रावत और उनके मंत्रिमंडल के सहयोगियों को खासतौर से आंमत्रित किया था। परन्तु इस बैठक में रावत समेत उनके मंत्रिमंडल का एक भी सदस्य शामिल नहीं हुआ। किशोर उपाध्याय ने बताया कि बहादराबाद में तीन जिन लोगों को कांग्रेस में शामिल किया गया है, उसकी भी उन्हें जानकारी नहीं है। क्योंकि उन्हें बहादराबाद के मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में आयोजकों ने बुलाया ही नहीं। रावत ने जिस बहुबली जसवंत सिंह चौहान को कांग्रेस में शामिल किया उस कार्यक्रम में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष तेलूराम और महानगर कांग्रेस अध्यक्ष अंशुल श्री कुंज तक को नहीं बुलाया गया था। कांग्रेस में अब यह सवाल उठ रहा है कि बिना पार्टी संगठन के मुखिया के मंजूरी मिले बिना क्या मुख्यमंत्री को किसी भी नेता को पार्टी में शामिल कराने का अधिकार है।

उधर, कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष एस पी सिंह, डा. आनंद सुमन सिंह, मुख्यप्रवक्ता मधुरा दत्त जोशी महामंत्री तरुण पंत प्रदेश प्रवक्ता डा. आर पी रतूड़ी, हरी कृष्ण भट्ट, मनीष कर्णवाल, दीपक बलुटिया, सुरेश गौरी, सरिता नेगी ने जारी एक संयुक्त बयान में कहा कि राज्य सरकार में बैठे लोग संगठन के लोगों को पीडीएफ के नाम पर सीधे सीधे पार्टी हाई कमान की धोस देकर धमका रहे हैं। नेताओं ने आरोप लगाया सरकार की आड़ में पीडीएफ को पनाह देकर कांग्रेस संगठन को हासिए में धकेलने की कोशिश की जा रही है। कांग्रेस के नेताओं ने विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल की भी जमकर खिंचाई की।

कुंजवाल ने पीडीएफ के मामले को लेकर कांग्रेस संगठन प्रदेश नेताओं के रुख की निंदा की थी। कांग्रेस के इन नेताओं ने आरोप लगाया कि विधानसभा अध्यक्ष कुंजवाल पार्टी संगठन में दखल देकर विधानसभा अध्यक्ष की गरिमा के खिलाफ काम कर रहे हैं। कुंजवाल हरीश रावत के खास आदमी माने जाते है। किशोर उपाध्याय ने कहा कि पीडीएफ के लिए कांग्रेस पार्टी विधानसभा में एक भी सीट नहीं छोड़ेगी और सत्तर की सत्तर विधानसभा सीटों पर कांग्रेस चुनाव लड़ेगी। इस तरह कांग्रेस संगठन और हरीश रावत सरकार की राहे अब जुदा हो चुकी है और कांग्रेस संगठन और सरकार की लड़ाई अब खुलेआम सड़कों पर आ गई है।

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First Published on October 4, 2016 5:36 am

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