ताज़ा खबर
 

उत्तराखंड : पांच मुख्यमंत्रियों ने जिस बंगले को अशुभ माना उसी में त्रिवेंद्र सिंह रावत ने किया गृह प्रवेश

गृह प्रवेश के बाद मुख्यमंत्री ने कैम्प कार्यालय का भी निरीक्षण किया। उन्होंने प्रदेश में पानी की कमी को देखते हुए आवास में बनाए गए तरणताल को भी बंद करने के निर्देश दिए।
Author March 29, 2017 23:00 pm
उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत (PTI Photo)

यहां न्यू कैंट रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास शुभ है या अशुभ ? इस प्रश्न को दरकिनार करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बुधवार (29 मार्च) को विधिवत पूजा अर्चना के साथ इसमें प्रवेश किया। हरीश रावत ने अपने ढ़ाई साल के मुख्यमंत्रित्व काल में इस आवास में रहने के लिये कभी नहीं गये। रावत से पहले मुख्यमंत्री बने विजय बहुगुणा इसमें रहने गये थे लेकिन अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाये।

इसी आवास में रहने वाले पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक भी अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाये थे। उनके बाद सितंबर, 2011 में दोबारा मुख्यमंत्री बने भुवन चंद्र खंडूरी इस आवास में गये ही नहीं। शायद इन्हीं वजहों से यह धारणा बन गई कि यह आवास मुख्यमंत्री के लिये अशुभ है और इसमें रहने वाला मुख्यमंत्री अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाता।

मुख्यमंत्री रावत ने विधिवत पूर्जा अर्चना करने के बाद पत्नी सुनीता रावत, दोनों पुत्रियों और अन्य परिजनों सहित मुख्यमंत्री आवास में प्रवेश किया। उनके गृह प्रवेश के अवसर पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अजय भट्ट, कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत, मदन कौशिक, हरक सिंह रावत, यशपाल आर्य, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. धनसिंह रावत, विधायक गणेश जोशी, मुख्य सचिव एस. रामास्वामी सहित अन्य गणमान्य भी मौजूद थे।

गृह प्रवेश के बाद मुख्यमंत्री ने कैम्प कार्यालय का भी निरीक्षण किया। उन्होंने प्रदेश में पानी की कमी को देखते हुए आवास में बनाए गए तरणताल को भी बंद करने के निर्देश दिए।

बता दें कि आरएसएस के पूर्व प्रचारक त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने हाल ही में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। उत्तराखंड में भाजपा ने विधानसभा चुनावों में बहुमत हासिल किया था। 70 सीटों में से भाजपा ने 56 सीटों पर जीत का परचम लहराया है। राज्य में अब तक के इतिहास में न केवल भाजपा, बल्कि किसी भी दल के लिए ये सबसे बड़ा आंकड़ा है।

देखिए वीडियो - उत्तर प्रदेश के बाद उत्तराखंड में भी सार्वजनिक स्थलों पर थूकना मना; 5000 रुपए जुर्माना, हो सकती है 6 महीने जेल की सजा

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.