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यूपी सीएम योगी आदित्य नाथ ने मुस्लिमों को दी राहत, अलविदा नमाज पर पिछले दरवाजे से दी छुट्टी

राज्य में पहले की समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी की सरकारों में अलविदा नमाज के दिन सार्वजनिक अवकाश होता था।
नमाज अदा करते मुस्लिम समुदाय के लोग। ( Photo Source: Indian Express/ Archives)

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्य नाथ सरकार ने राज्यभर के मुस्लिम कर्मचारियों को थोड़ी राहत दी है। सरकार ने आखिरी जुमा यानी जमात उल विदा (जिसे आसान भाषा में अलविदा रमजान कहते हैं) के मौके पर होने वाली सरकारी छुट्टी को रद्द करते हुए उसे प्रतिबंधित अवकाश की सूची में डाल दिया है। लोगों में इस बात को लेकर संशय था कि शायद इसे प्रतिबंधित अवकाश के रूप में भी शामिल नहीं किया जाएगा लेकिन आखिरकार सरकार ने मुस्लिम कर्मचारियों के पक्ष में फैसला लिया है। राज्य में पहले की समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी की सरकारों में अलविदा नमाज के दिन सार्वजनिक अवकाश होता था।

बता दें कि उत्तर प्रदेश में सत्ता संभालते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने महापुरुषों की जयंती और पुण्यतिथि पर होनेवाले अवकाश को रद्द कर दिया था। मुख्यमंत्री द्वारा जिन पंद्रह छुट्टियों को रद्द किया गया है उनमें अलविदा रमजान भी शामिल है। 23 जून को आखिरी जुमा के साथ ही रोजेदार इस मुबारक महीने को विदाई दे रहे हैं। विदाई देने से पहले सभी मुस्लिम धर्मावलंबी मस्जिदों में जाकर विदाई की नमाज अदा करेंगे। अन्य जुमा के मुकाबल अलविदा नमाज के दौरान मस्जिदों में भीड़ ज्यादा उमड़ती है। इस लिहाज से प्रशासन ने भी राज्यभर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।

अगर 25 जून को चांद का दीदार हुआ तो देशभर में 26 जून का ईद मनाई जाएगी। इससे एक दिन पहले ही खाड़ी देशों में ईद मनाई जाती है। हालांकि, ईद उल फितर पर केंद्र सरकरा ने ही सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। इस लिहाज से देशभर में ईद के मौके पर छुट्टी रहेगी।

दरअसल, बीते 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती के एक कार्यक्रम में यूपी के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने इतने ज्‍यादा अवकाशों पर नाराजगी जताई थी। उन्‍होंने कहा था कि महापुरुषों के जन्‍मदिन की छुट्टी के बजाय उस दिन महापुरुषों की जिंदगी के बारे में बच्‍चों को बताया जाना चाहिए। इससे वे उनकी जिंदगी से प्रेरणा भी हासिल करेंगे और उसके बाद अपनी पढ़ाई भी कर सकेंगे। रद्द की गई छुट्टियों में ज्यादातर किसी न किसी महापुरुष के जन्मदिन या पुण्यतिथि से संबंधित थे। यूपी सरकार ने फैसला किया कि महापुरुषों की जयंती पर स्कूल और कॉलेज खुले रहेंगे और उस दिन 2 घंटे संबंधित महापुरुष के बारे में छात्रों को बताया जाएगा।

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