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गोरखपुर के बीआरडी अस्‍पताल में बच्‍चों की मौतों पर सुप्रीम कोर्ट का स्‍वत: संज्ञान लेने से इनकार, कहा- हाईकोर्ट जाइए

गोरखपुर के बीआरडी हॉस्पिटल में बच्चों की मौत पर संज्ञान लेने से सुप्रीम कोर्ट ने इंकार कर दिया है।
तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीक के तौर पर किया गया है.

गोरखपुर के बीआरडी हॉस्पिटल में बच्चों की मौत पर संज्ञान लेने से सुप्रीम कोर्ट ने इंकार कर दिया है। गोरखपुर में बच्चों की मौत को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक वकील ने याचिका दाखिल की थी। जिसपर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि अपनी शिकायत के लिए इलाहबाद हाईकोर्ट जाएं। गौरतलब है कि इससे पहले कांग्रेस भी सुप्रीम कोर्ट से राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे हॉस्पिटल में बच्चों की मौत के बाद दखल देने की मांग कर चुकी है। इस दौरान कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ की सरकार ऑपरेशन कवर-अप की आड़ में सच्चाई को छिपाने की कोशिश कर रही है। खबर के अनुसार गोरखपुर के बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज (हॉस्पिटल) में अबतक 70 मासूमों की मौत हो चुकी है। वहीं मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गोरखपुर के एसपी के हवाले से बताया कि हॉस्पिटल में 21 बच्चों की मौत ऑक्सीजन की सप्लाई बंद होने की वजह से हुई है। वहीं गोरखपुर के एसपी का भी कहना है कि बीते 36 घंटों में ऑक्सीजन सप्लाई की कमी की वजह से 21 बच्चों की मौत हुई है। घटना स्थल पर वरिष्ठ अधिकारी पहुंच चुके हैं। मौत की वजह की जांच की जा रही है। ये बात गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कही है।जानकारी के लिए बता दें कि गोरखपुर हॉस्पिटल की घटना पर विपक्षी पार्टियों ने कड़ा विरोध जताया है। समाजवादी पार्टी (एसपी) के साथ कांग्रेस ने सूबे के स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की है।

वहीं आज (14 अगस्त) डॉक्टरों ने बताया कि ऑक्सीजन इंसेफलाइटिस और सांस से जुड़ी बीमारी के बहुत महत्वपूर्ण होता है। लेकिन बीते दिनों बच्चों की मौत के बाद यहां घटना की स्पष्टता के लिए जांज जरूरी हो सकती है। जानकारी के लिए बता दें कि गोरखपुर में शिशु मृत्यु दर (आईएमआर) को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ का संसदीय क्षेत्र रहे गोरखपुर में एक हजार में से 62 बच्चों की मौत एक की उम्र होने से पहले ही हो जाती है। जबकि उत्तर प्रदेश में ये आंकड़ा 48 है और भारत में 40 शिशुओं की मौत एक साल का होने से पहले ही हो जाती है। वहीं अमेरिकी सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (सीआईए) की बात करें तो गोरखपुर में शिशु मृत्यु दर विश्व के बीस देशों से भी बहुत ज्यादा है। स्वास्थ्य कार्यकर्ता बॉबी रामाकांत ने बताया, ‘19.18 लाख की आबादी वाले गोरखपुर में शिशु मृत्यु दर 62 है जो आबादी के लिहाज से लिस्ट में 18वें स्थान पर है। इस तरह गोरखपुर जांबिया और दक्षिणी सूडान जैसे देशों की कतार में खड़ा हो गया है। जहां आबादी 19.18 लाख है। दोनों देशों में शिशु मृत्य दर क्रमश: 62.90 और 64.60 है। सीआईए की लिस्ट में अफगानिस्तान चोटी का देश है, जहां शिशु मृत्यु दर 112 है। जबकि माली में 100, सोमालिया में 96 सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक में 88 और जुईनिया में 87 है।

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