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यूपी: 5 साल से गौ-रक्षा अभियान चला रहा है यह मदरसा, गाय को राष्‍ट्रीय पशु घोषित करने की भी उठा चुका है मांग

भगवान श्री राम और श्री कृष्ण की धरती से इस प्रकार का मांस निर्यात का काम तत्काल बंद होना चाहिए।
इस तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीक के तौर पर किया गया है। (फाइल फोटो)

उत्तर प्रदेश में एक मदरसा ऐसा भी है जो कि गौ हत्या के खिलाफ लड़ रहा है। संभल जिले स्थित यह मदरसा पिछले 5 सालों से गाय की रक्षा के लिए एक अभियान चला रहा है। जिसमें इस मदरसे से जुड़े लोग केंद्र सरकार से अपील कर रहे हैं कि गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दिया जाए। इसके साथ इन लोगों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ द्वारा बंद कराए गए अवैध बूचड़खानों का भी समर्थन किया।  इस मदरसा से जुड़े एक व्यक्ति ने कहा कि हम भारत सरकार से अपील करते हैं कि पूरे भारतवर्ष में गौ हत्या के खिलाफ राष्ट्रीय कानून बनाया जाए। हमारे हिंदू धर्म के भाईयों के धर्म का सम्मान करते हुए गाय की प्रति उनकी आस्था को ध्यान में रखते हुए गाय को राष्ट्रीय माता का दर्जा देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को देश में मांस निर्यात पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा देना चाहिए। यह भारत श्री पूर्षोतम भागवान राम का देश है। गौ हत्या पर बैन लगाकर गाय का दूध पूरे देश  में पहुंचाया जाना चाहिए। भगवान श्री राम और श्री कृष्ण की धरती से इस प्रकार का मांस निर्यात का काम तत्काल बंद होना चाहिए। इसके बाद उन्होंने कहा कि प्रदेश मुख्यमंत्री ने गौहत्या को रोकने के लिए जो प्रयास किया है वह काफी सराहनीय है। उन्होंने कहा प्रदेश के बूचड़खानों को बंद कराकर मुख्यमंत्री ने बहुत अच्छा काम किया है। इसी तरह से पूरे देश में बूचड़खाने बंद होने चाहिए।

गौरतलब है कि प्रदेश में योगी आदित्य नाथ के मुख्यमंत्री बनते ही उन्होंने अवैध बूचड़खानों को बंद कराने के आदेश दे दिए थे। योगी के इस फैसले का असर कई अन्य राज्यों पर भी पड़ा। एक तरफ उत्तराखंड में कई अवैध बूचड़खाने बंद कराए गए। वहीं दूसरी तरफ बीजेपी शासित गुजरात में गौ हत्या पर नया कानून लागू किया जिसके तहत गाय की हत्या करने वालों को उम्रकैद, तस्करी करने वालों को 10 साल की सज़ा का प्रावधान है। गौ हत्या पर इस तरह का सख्त कानून पूरे देश में गुजरात में ही लागू है।

देखिए वीडियो - मोहन भागवत ने गौ रक्षकों का समर्थन किया, कहा- ‘गौ रक्षा संविधान का अभिन्न हिस्सा है’

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