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घायल पीड़ित को थाने के चक्कर लगवाने के आरोप में तीन पुलिसकर्मी लाइन हाजिर

दिनदहाड़े बंधक बनाकर लूट के शिकार हुए इंजीनियर का मामला दर्ज करने के बजाए चक्कर लगवाने के आरोप में एसएसपी ने दो एसआइ और एक सिपाही को लाइन हाजिर किया है।
Author नोएडा | September 7, 2016 05:05 am
उत्तरप्रदेश पुलिस (फाइल फोटो)

रविवार को दिनदहाड़े बंधक बनाकर लूट के शिकार हुए सॉफ्टवेयर इंजीनियर का मामला दर्ज करने के बजाए एक से दूसरे थाने चक्कर लगवाने के आरोप में एसएसपी ने दो एसआइ और एक सिपाही को लाइन हाजिर किया है। आरोप है कि बदमाशों ने इंजीनियर को 3 घंटे कार में बंधक बनाने के बाद ग्रेटर नोएडा के बीटा-2 इलाके में फेंका था। घायल हालत में पीड़ित को एक से दूसरे थाने तक करीब 6 घंटे चक्कर लगवाने के बाद थाना सेक्टर-20 पुलिस ने मामला दर्ज किया था। बदमाशों ने पर्स, मोबाइल के अलावा तीन एटीएम कार्ड के पिन नंबर पूछकर 70 हजार रुपए भी निकाले थे। इंजीनियर बुलंदशहर के भाजपा सभासद का बेटा है।

गाजियाबाद के वसुंधरा इलाके में रहने वाला नितिन अग्रवाल नोेएडा के सेक्टर-3 की एचसीएल कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। रविवार दोपहर करीब दो बजे नितिन आॅफिस से बुलंदशहर अपने पिता से मिलने निकला था। करीब 2.30 बजे सेक्टर-29 के पास कार सवार 4 बदमाशों ने नितिन को पता पूछने के बहाने रोका। पता बताने के दौरान कार में पीछे बैठे बदमाशों ने नितिन को अंदर खींच लिया। हाथ-पैर बांधकर उसका पर्स और मोबाइल छीन लिया। नितिन के तीन एटीएम कार्ड के पिन नंबर पूछकर बदमाशों ने 70 हजार रुपए भी निकाले थे। पिन नंबर बताने में आनाकानी करने पर बदमाशों ने उसकी पिटाई भी की थी। बीटा-2 में कार से फैंके जाने के बाद नितिन ने एक राहगीर के मोबाइल से फोन कर परिजनों और पुलिस को घटना की जानकारी दी। कासना थाना पुलिस ने करीब एक घंटे बैठाने के बाद थाना सेक्टर-39 जाने की सलाह दी। घायल हालत में थाना सेक्टर-39 पुलिस ने करीब डेढ़ घंटे की पूछताछ के बाद घटनास्थल का मौका मुआयना कर थाना सेक्टर- 20 का इलाका बताकर वहां जाने की सलाह दी। रात करीब 11.30 बजे थाना सेक्टर-20 पुलिस ने मामला दर्ज किया। मीडिया में पुलिस के लापरवाह रवैये के उजागर होने के बाद एसएसपी धर्मेंद्र यादव ने थाना सेक्टर-39 के एसआइ वीरेंद्र सिंह, थाना कासना के एसआई देवेंद्र सिंह और सिपाही प्रदीप को लाइन हाजिर किया है।

 

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