April 27, 2017

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नोएडा: एलईडी बल्ब कंपनी में आग से 6 की मौत

कंपनी कर्मचारियों का आरोप है कि आग लगने के एक घंटे बाद दमकल की गाड़ियां पहुंचीं। दमकल गाड़ियों के जल्द पहुंचने पर मृतकों को बचाया जा सकता था।

Author नोएडा | April 20, 2017 04:36 am
इस तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीक के तौर पर किया गया है।

सेक्टर- 11 के एफ- 55 स्थित एलईडी बल्ब बनाने वाली कंपनी में बुधवार दोपहर को लगी आग से 6 लोगों की जलकर मौत हो गई। मरने वालों में एक महिला भी है। शवों के बुरी तरह जले होने की वजह से पहचान नहीं हो पा रही है। दोपहर करीब डेढ़ बजे लगी भीषण आग को बुझाने में 55 दमकल गाड़ियों का इस्तेमाल करना पड़ा। देर शाम आग पर काबू पाया गया। हालांकि अंदर कुछ और लोगों के फंसे की आशंका के कारण मृतकों की संख्या बढ़ने का अंदेशा जताया गया है। आग से बचने के लिए चौथी मंजिल से कूदे कंपनी के अकाउंटेंट पवन की रीढ़ की हड्डी टूट गई है।  देर रात प्रशासन ने बताया कि मृतकों में तीन की पहचान संजय दास, जसजीत और विवेक के रूप में हुई। तीन अन्य के शव बुरी तरह जल गए जिस वजह से उनकी पहचान नहीं हो पाई। इन शवों की पहचान के लिए डीएनए जांच कराई जाएगी।

गौतमबुद्ध नगर के जिला अधिकारी एनपी सिंह रात करीब 9:45 बजे घटना स्थल पर पहुंचे और मामले की मजिस्ट्रेटी जांच का आदेश दिया। सिंह ने कहा कि घटना के संदर्भ में राज्य प्रशासन को रिपोर्ट दे दी गई है और मजिस्ट्रेटी जांच का आदेश दिया गया है ताकि आग लगने की वजह के बारे में पता किया जा सके। गौरतलब है कि 14- 20 अप्रैल तक मनाए जाने वाले अग्निशमन सुरक्षा सप्ताह के समाप्त होने से एक दिन पहले नोएडा में यह हादसा हुआ। आसपास के इलाकों के अलावा हापुड़ तक से दमकल की गाड़ियां मंगानी पड़ी। एसएसपी धर्मेंद्र यादव और एसपी सिटी दिनेश यादव भी मौके पर मौजूद रहे। दमकल और पुलिसकमिर्यों ने देर रात तक कंपनी के अंदर तलाशी और जांच अभियान चलाया। कंपनी में अग्निशमन संबंधी इंतजामों की भी जांच की गई। अधिकारियों के मुताबिक, खामी मिलने पर कंपनी प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा। उधर, कंपनी कर्मचारियों का आरोप है कि आग लगने के एक घंटे बाद दमकल की गाड़ियां पहुंचीं। दमकल गाड़ियों के जल्द पहुंचने पर मृतकों को बचाया जा सकता था।

एलईडी बल्ब बनाने वाली इस कंपनी के बेसमेंट में बने गोदाम में दोपहर करीब डेढ़ बजे आग लगी। गोदाम से आग चंद ही मिनटों में ऊपर की मंजिलों तक फैल गई। कंपनी में करीब 50-60 लोग मौजूद थे। बेसमेंट के अलावा पहली और दूसरी मंजिल पर काम कर रहे लोगों को सीढ़ियों के सहारे बाहर निकाला गया। चौथी मंजिल पर काम करने वाले करीब एक दर्जन कर्मचारी वहीं फंस गए। नीचे की मंजिलों पर आग फैलने पर वे छत की तरफ भागे। छत का दरवाजा बंद था। जान बचाने के लिए कंपनी के अकाउंटेंट पवन ने कांच का शीशा तोड़कर नीचे छलांग लगा दी। वहां से रस्सी के सहारे कुछ लोगों को नीचे उतारा गया। पवन को सेक्टर- 11 के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
कंपनी की एचआर मैनेजर जसप्रीत ने अपनी मां मीनू को दोपहर 1.45 ने फोन कर कंपनी में आग लगने की जानकारी दी थी। जसप्रीत ने यह भी बताया था कि उसका आॅफिस कंपनी की चौथी मंजिल पर है और दमकल वालों का फोन नहीं लग रहा है। ‘मुझे बचा लो मम्मी कहते हुए….’ जसप्रीत का फोन बंद हो गया था। जसप्रीत की मां मीनू तुरंत कंपनी पर पहुंची और आग की भयावहता देखते हुए बेहोश होते बची। उन्होंने कई बार आग में घुसकर अपनी बेटी को बचाने की कोशिश की। लेकिन पुलिस वालों ने उन्हें रोक लिया। जिस एक महिला का शव मिला है, उसे जसप्रीत का मानने से मीनू समेत अन्य परिजनों ने इनकार कर दिया है। अलबत्ता एसएसपी ने डीएनए जांच कराने का दावा किया है।

 

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First Published on April 20, 2017 4:36 am

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