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नोएडा: फ्लैट का दायरा बढ़ाने के नाम पर लूट में प्राधिकरण अफसर निशाने पर

ग्रेटर नोएडा वेस्ट (नोएडा एक्सटेंशन) के खरीदारों ने फ्लैट का दायरा (साइज) बढ़ाने के नाम पर होने वाली लूट को उत्तर प्रदेश अपार्टमेंट एक्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन बताया है।
Author नोएडा | February 23, 2017 03:58 am
फ्लैट में मिले खराबी तो ऐसे करें शिकायत दर्ज। (Representative Image)

ग्रेटर नोएडा वेस्ट (नोएडा एक्सटेंशन) के खरीदारों ने फ्लैट का दायरा (साइज) बढ़ाने के नाम पर होने वाली लूट को उत्तर प्रदेश अपार्टमेंट एक्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन बताया है। आरोप है कि पहले से मंजूर हो चुके मानचित्र में निर्माण के दौरान कैसे बदलाव कर कैसे बुकिंग कराए फ्लैट का दायरा बढ़ रहा है। साथ ही मनमाने तरीके और मानचित्र से छेड़खानी करने, बदलाव को लेकर अभी तक प्राधिकरण ने बिल्डरों को कोई नोटिस क्यों नहीं जारी किया है। जबकि उत्तर प्रदेश अपार्टमेंट एक्ट में स्पष्ट है कि बगैर खरीदार की सहमति के बिल्डर फ्लैट का दायरा बढ़ा या घटा नहीं सकता है। ग्रेटर नोएडा वेस्ट में फ्लैट खरीदारों की संस्था नोएडा एक्सटेंशन फ्लैट आॅनर्स वेलफेयर एसोसिएशन (नेफोवा) ने बिल्डरों की मनमानी में प्राधिकरण अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाया है। उक्त मांग को लेकर नेफोवा के बैनर तले खरीदारों ने बिल्डरों और प्राधिकरण अधिकारियों के खिलाफ बड़े विरोध प्रदर्शन करने का एलान किया है।

नेफोवा अध्यक्ष अभिषेक कुमार ने बताया कि कब्जा देने की तारीख के कई सालों बाद जब बिल्डर निर्माण कार्य पूरा कर लेता है, तब वह खरीदारों से फ्लैट का दायरा (साइज) बढ़ाए जाने की जानकारी देकर अतिरिक्त शुल्क की मांग करता है। अतिरिक्त शुल्क नहीं देने वाले खरीदारों को बुकिंग निरस्त करने से लेकर भारी जुर्माना लगाकर प्रताड़ित किया जा रहा है। जबकि बिल्डर को निर्माण शुरू कराने से पहले बनने वाली इमारत का मानचित्र (नक्शा) पहले से मंजूर करना पड़ता है। तब कैसे बिल्डर निर्माण पूरा होने पर फ्लैट का दायरा बढ़ जाने का दावा कर सकता है। यहां तक कि बिल्डर महज ढांचा (स्ट्रक्चर) खड़ा करने के बाद ही कागजों में ‘सुपर एरिया’ बढ़ाने का दावा कर अतिरिक्त शुल्क की मांग कर रहे हैं। जबकि वास्तविकता में फ्लैट का दायरा उतना ही रहता है। अलबत्ता प्राधिकरण अधिकारियों की मिलीभगत के कारण बिल्डर बुक कराए फ्लैट का सुपर एरिया बढ़ जाने का दावा कर अतिरिक्त शुल्क के नाम पर खरीदारों को प्रताड़ित कर रहा है। नेफोवा की महासचिव श्वेता भारती के मुताबिक, उक्त मुद्दे पर कई मर्तबा प्राधिकरण अधिकारियों से की गई अपील बेअसर रही है। जिस वजह से बिल्डर कंपनियां बदस्तूर फ्लैट का दायरा बढ़ जाने के नाम पर अमूमन हर खरीदार से मोटी रकम ऐंठ रहे हैं। अतिरिक्त शुल्क देने से इनकार करने वाले खरीदारों पर लाखों रुपए का जुर्माना लगाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि फंस चुके खरीदारों को प्रताड़ित करने के लिए बिल्डर कंपनी अतिरिक्त शुल्क बुकिंग कराने वाली कीमत के बजाए मौजूदा बाजार कीमत के आधार पर वसूल रही हैं।

 

 

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