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नोएडा: जनरेटरों के हटाने के आदेश से 24 घंटे में ही पीछे हटा प्राधिकरण

शहर में जनरेटरों से बढ़ते वायु और ध्वनि प्रदूषण की रोकथाम के लिए तैयार हुई प्राधिकरण की नई नीति के उद्यमियों के दबाव में दबने के आसार बन गए हैं।
Author नोएडा | March 2, 2017 03:37 am
जनरेटर चलाता एक युवक।

शहर में जनरेटरों से बढ़ते वायु और ध्वनि प्रदूषण की रोकथाम के लिए तैयार हुई प्राधिकरण की नई नीति के उद्यमियों के दबाव में दबने के आसार बन गए हैं। मंगलवार को नोएडा प्राधिकरण ने फैक्ट्रियों, दुकानों के अलावा रिहायशी सेक्टरों में कोठियों के बाहर लगे जनरेटरों को 7 दिनों के भीतर हटाने के निर्देश जारी किए थे। तय समयावधि के बाद सड़क किनारे लगे जनरेटरों को प्राधिकरण स्तर से हटाने और आबंटियों से जुर्माना वसूले जाने की चेतावनी भी जारी की थी। वहीं बुधवार को उद्यमियों की संस्था नोएडा एंटरप्रिन्योर्स असोसिएशन ने निर्देशों को जमीनी हकीकत से परे बताते हुए जारी होने वाले नोटिसों को तत्काल प्रभाव से रोकने की मांग की है। प्राधिकरण की कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए उद्यमियों ने शहर के नो पावर कट जोन (बिजली कटौती मुक्त) में आने के बावजूद अनियमित बिजली कटौती को जनरेटर लगाने की वजह बताया है। बताया गया है कि मंगलवार को प्राधिकरण के उप मुख्य कार्यपालक अधिकारी सौम्य श्रीवास्तव ने जनरेटर हटाने संबंधी निर्देशों की जानकारी दी थी, उन्हीं ने बुधवार को उद्यमियों की आपत्ति पर दिक्कतें नहीं आने देने का दावा किया है।
नोएडा समेत दिल्ली में बढ़ते वायु और ध्वनि प्रदूषण को लेकर राष्ट्रीय हरित पंचाट (एनजीटी) कई बार नाराजगी जता चुका है। पर्यावरण जानकारों ने जनरेटरों से निकलने वाले धुएं और आवाज, दोनों को प्रदूषण की बड़ी वजह बताया है।

जिसके कारण प्राधिकरण ने सड़कों के किनारे फैक्ट्रियों, दुकान, बाजार और कोठियों के बाहर रखे जनरेटर तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश मंगलवार को जारी किए थे। जिसमें एक हफ्ते के भीतर स्वत: ऐसे जनरेटर नहीं हटाने वालों के जबरन हटाने और जुर्माना वसूले जाने की चेतावनी दी थी। इस कड़ी में बुधवार को एनईए के बैनर तले उद्यमियों ने प्राधिकरण के डीसीईओ से मुलकात की। मुलाकात के दौरान एनईए अध्यक्ष विपिन मल्हन ने बताया कि छोटी इकाइयां जनरेटर को अंदर नहीं रख सकती हैं। चूंकि शहर में ज्यादा छोटी इकाइयां संचालित हैं, इसलिए जनरेटरों को लेकर प्राधिकरण स्तर से जारी होने वाले नोटिस तत्काल प्रभाव से रोके जाएं। उन्होंने बताया कि बिजली कटौती मुक्त होने के बावजूद नोएडा में पर्याप्त मात्रा में बिजली नहीं मिलती है। जिसके चलते उद्यमियों को जनरेटर लगाने पड़े हैं। यदि सरकार 24 घंटे निर्बाध बिजली सप्लाई सुनिश्चित करे, तो उद्यमी खुद जनरेटरों को हटा लेंगे। जरनेटर हटाने के मामले से इतर उद्यमियों ने औद्योगिक सेक्टरों समेत शहर के ज्यादातर इलाकों में सड़कों के दोनों तक अवैध रूप से खड़े होने वाले वाहनों, रेहड़ी, खोमचे एवं ढाबों को हटाने को प्रदूषण की रोकथाम के लिए जरूरी बताया है। जिसकी वजह से सड़कों पर प्राय: जाम लगता है और बेवजह गाड़ियों का इंधन फुंकता है।

 

 

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