December 09, 2016

ताज़ा खबर

 

नोएडा: धुंध से दुकानदारों की हुई चांदी, 12 लाख के मास्क बिके

अकेले नोएडा में ही पिछले एक सप्ताह के दौरान करीब 12 लाख रुपए के मास्क बेचे गए हैं।

Author नोएडा | November 8, 2016 03:51 am
दिल्ली एनसीआर में धुंध से बचने के लिए मास्क की मांग अचानक तेजी बढ़ गई।

 

दिल्ली एनसीआर में धुंध से बचने के लिए मास्क की मांग अचानक तेजी बढ़ गई है। अकेले नोएडा में ही पिछले एक सप्ताह के दौरान करीब 12 लाख रुपए के मास्क बेचे गए हैं। प्रदूषण या धुंध से बचने में कौन सा मास्क कारगर है? इसकी परवाह किए बगैर लोग भेड़ चाल चलते हुए दवा दुकानों से मास्क खरीदे जा रहे हैं, जबकि विशेषज्ञों की मानें तो मास्क केवल धूल के ल्बड़े कणों को ही रोकने में सक्षम हैं।  धुंध में काफी सूक्ष्म कण होते हैं, जिनसे बचाव में आमतौर पर मास्क कारगर नहीं होते। उधर, धुंध के चलते बुजुर्गों, छोटे बच्चों और सांस के मरीजों का अस्पताल में आने का सिलसिला बना हुआ है। हालांकि, सोमवार को हवा में कुछ तेजी देखी गई साथ ही धूप निकलने से धुंध में काफी हद तक कमी आई है लेकिन पर्टिकुलेट मैटर (पीएम)-10 का स्तर अभी भी खतरनाक स्तर पर बना हुआ है।

जिला कैमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष अनूप खन्ना ने बताया कि अमूमन प्रत्येक मेडिकल स्टोर से 30-40 मास्क रोजाना खरीदे जा रहे हैं। सबसे ज्यादा मांग एक बार इस्तेमाल करने वाले मास्क की है। पांच से 15 रुपए तक की कीमत में ऐसे मास्क उपलब्ध हैं, जबकि थ्री लेयर (तीन सतह) वाले मास्क 90-100 रुपए में मिल रहे हैं। ज्यादा बेहतर होने की वजह से थ्री लेयर मास्क की भी मांग काफी है। कुछ दुकानों पर मास्क का स्टाक खत्म होने पर लोगों को भुगतान कर बुकिंग तक करानी पड़ रही है। खन्ना ने बताया कि मास्क सिर्फ बड़े और मोटे धूल के कणों को अंदर जाने से रोकते हैं। बाजारों में मिलने वाले मास्क हवा को शुद्ध नहीं करते। धुंध में मौजूद महीन कण माइक्रोन साइज के होते हैं, जो वाष्प के साथ मिलकर वातावरण में जमे रहते हैं और जो सांस के साथ हमारे आंतरिक अंगों तक पहुंचकर नुकसान पहुंचाते हैं।

दिल्ली प्रदूषण: NGT ने दिल्ली सरकार को लगाई फटकार; 4 राज्यों के पर्यावरण सचिवों को किया तलब

इसी क्रम में वैध अच्युत त्रिपाठी ने बताया कि धुंध के असर को कम करने के लिए लोगों को गुड़ खाकर निकलना चाहिए। गुड़, शरीर की प्रतिरोधात्मक क्षमता बढ़ाने के अलावा धुंध में मौजूद कणों को शरीर में ही गला देते हैं।
निर्माण और खुदाई पर पैनी निगाह :

धुंध के कहर से निपटने के लिए सोमवार को भी प्राधिकरण अधिकारियों के दस्तों ने सेक्टर- 74 से 79 तक बिल्डर परियोजनाओं का दौरा किया। निर्माण स्थलों पर धूल मिट्टी उड़ने पर नाराजगी जताते हुए काम बंद कराकर छिड़काव कराया। इसके अलावा शहर की आंतरिक सड़कों की वैक्यूम मशीनों से सफाई कराने का फैसला लिया है।

प्राधिकरण ने रविवार को सेक्टर- 74 में धूल उड़ने की वजह से दो नामी बिल्डर परियोजनाओं पर 50-50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया था। इसके अलावा 18 अन्य खामी वाली परियोजनाओं को चेतावनी नोटिस जारी किए थे। जिलाधिकारी एनपी सिंह ने अगले सात दिनों तक निर्माण और खुदाई पर पूरी तरह से रोक लगाई है। प्राधिकरण अधिकारियों के मुताबिक, जिन बिल्डरों को चेतावनी नोटिस जारी किए गए हैं, उन्हें एक सप्ताह के भीतर जवाब देना होगा। इस दौरान प्राधिकरण की टीम निर्माण स्थलों का जायजा लेकर काम बंद और धूल उड़ने पर निगाह रखेगी।

 

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

First Published on November 8, 2016 3:51 am

सबरंग