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फ्लैट खरीदारों को मुख्यमंत्री योगी से इंसाफ की आस, धोखाधड़ी करने वाले बिल्डरों पर दर्ज हो रहे हैं केस

फ्लैट खरीदारों की मांग पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सकारात्मक भूमिका का असर प्रशासनिक व्यवस्था पर दिखाई देना शुरू हो गया है।
Author नोएडा | May 3, 2017 00:31 am
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ।

फ्लैट खरीदारों की मांग पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सकारात्मक भूमिका का असर प्रशासनिक व्यवस्था पर दिखाई देना शुरू हो गया है। इसके कारण पिछले दो दिनों में देश की दो नामचीन बिल्डर कंपनियों के मालिकों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत कई संगीन धाराओं में मामले दर्ज हुए हैं। वहीं, बिल्डरों के खिलाफ कई बार धरना प्रदर्शन कर चुके परेशान खरीदार कब्जा मिलने को लेकर परेशान हैं। फ्लैट खरीदारों के कई संगठनों ने एकजुटता दिखाते हुए सोमवार को नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी से मुलाकात कर जल्द कब्जा दिलाने समेत कई तरह की राहत दिलाने की मांग की। करीब दो घंटे तक चली बैठक के दौरान मुद्दों पर खींचतान ही होती रही और सबसे अहम बिंदु फ्लैट की चाबी मिलने पर कोई ठोस फैसला नहीं हो सका। बैठक में भाग लेने वाले ज्यादातर खरीदार संगठनों ने कई हजार सदस्य होने का दावा किया। तकरीबन सभी ने 5-7 साल पहले फ्लैट बुक कराने और बिल्डर को 95 फीसद रकम का भुगतान किए जाने की बात कही। रियल एस्टेट रेग्युलेटरी अथॉरिटी (रेरा) के तहत सभी बिल्डरों का पंजीकरण अनिवार्य रूप से कराने की मांग की गई है।

खरीदारों का आरोप है कि पूरी रकम ले चुकी बिल्डर कंपनियां अब अपने आप को कंगाल बताने की कोशिश कर रही हैं। निर्माण कार्य बंद होने की वजह से जल्द कब्जा मिलना संभव नहीं दिख रहा है। इसके अलावा उन्होंने लेआउट प्लान में बदलाव कर फ्लैटों की संख्या बढ़ाए जाने, हरियाली और खुले स्थान की जगह में कमी, अनधिकृत रूप से फ्लैट के दायरे को बढ़ाने, लीज रेंट के रूप में अत्यधिक शुल्क की मांग करने, देरी के एवज में भुगतान करने के बजाए मजदूर की दिहाड़ी का अतिरिक्त बोझ खरीदार पर डालने और निर्माण के लिए रकम नहीं होने की बात कहने वाले बिल्डरों के खातों की जांच कराने की मांग की है। जिन बिल्डरों ने रुपए नहीं होने की वजह से निर्माण कार्य बंद कर दिया है, उनसे शपथपत्र पर यह बताने को कहा गया है कि खरीदारों से मिली रकम कहां गई?

हालांकि, आम्रपाली बिल्डर कंपनी के सीएमडी अनिल शर्मा और जेपी बिल्डर कंपनी के मालिकों के खिलाफ संगीन धाराओं में मामले दर्ज होने से खरीदारों को मौजूदा मुख्यमंत्री से सुनवाई होने की उम्मीद जरूर जागी है। थाना बिसरख पुलिस ने आम्रपाली बिल्डर कंपनी के सीएमडी अनिल शर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी व षडयंत्र में शामिल होने समेत कई संगीन धाराओं में एफआइआर दर्ज की है। ग्रेटर नोएडा की आम्रपाली लेजर पार्क परियोजना में 2010 में फ्लैट बुक कराने वाले खरीदार श्रीकांत हल्दर और राजेश मित्तल आदि की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है।

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