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3700 करोड़ घोटला: ठगी की रकम दूसरे खाते में डाल भागने की कोशिश में थे आरोपी

आॅनलाइन कारोबार के जानकारों के मुताबिक, लाइक (पसंद) के नाम पर की जाने वाली धोखाधड़ी में गेटवे का अहम किरदार है।
घोटाले के पीछे 26 साल के अनुभव मित्‍तल नाम का शख्‍स है।

3700 करोड़ रुपए की आॅनलाइन ठगी के आरोपी अनुभव मित्तल से सेक्टर-2 स्थित वेब वर्क कंपनी के मालिक ज्यादा तेज थे। ठगी के महाजाल को छोड़कर वेब वर्क कंपनी भागने की फिराक में थी। जिसके तहत कंपनी ने सेक्टर-18 स्थित बैंकों के चार खातों को बंद कर दिया था। उसके बाद दो अलग बैंकों में नए खाते खोलकर वहां रकम स्थानांतरित की थी। अलबत्ता पुराने खातों से कितनी रकम नए खातों में जमा हुई है, इसका पता करने की कोशिश पुलिस कर रही हैं। जांच सूत्रों के मुताबिक, सेक्टर- 63 स्थित अब्लेज इंंफो सॉल्युशंस कंपनी का पर्दाफाश 2 फरवरी को हुआ था। उसके बाद से ही वेब वर्क कंपनी के मालिकों ने काम समेटना शुरू कर दिया था। वेब वर्क कंपनी पर भी बड़ी संख्या में लोगों से 500 करोड़ रुपए की ठगी करने का आरोप है।

आॅनलाइन कारोबार के जानकारों के मुताबिक, लाइक (पसंद) के नाम पर की जाने वाली धोखाधड़ी में गेटवे का अहम किरदार है। इसी गेटवे के जरिए कंप्यूटर पर क्लिक करने वालों तक रकम पहुंचती थी। इसी के साथ नया क्लिक लिंक भी मिलता था। जानकारी मिली है कि गेटवे कंपनी के साथ अनुबंध करने के बाद जब वेब वर्क कंपनी के मालिक अनुराग और संदेश वर्मा आदि ने तय रकम नहीं दी, तो गेटवे कंपनी ने रकम स्थानांतरित करने पर रोक लगा दी। इसी तरह अब्लेज कंपनी के अनुभव मित्तल ने भी पेमेंट गेटवे का इस्तेमाल किया था। अनुभव से एसटीएफ की रिमांड के दौरान हुई पूछताछ में पता चला है। इसके अलावा 8 नवंबर से लागू हुई नोटबंदी के दौरान ज्यादा रकम एक साथ निकालना मुश्किल हो गया था। ऐसे में रकम को अलग-अलग खातों में स्थानांतरित करने का काम बगैर बैंक अधिकारियों की मिलीभगत के संभव नहीं है। 3700 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के मामले में यस बैंक के एक अधिकारी की भूमिका संदिग्ध साबित हुई है। इसी तरह पुलिस वेब वर्क मामले में खातों की जांच पर सबसे ज्यादा जोर दे रही है। ताकि कंपनी के विभिन्न खातों की रकम को किसी भी तरह से जब्त की जा सके। उधर, बुधवार को भी ठगी के शिकार हुए काफी लोग सेक्टर-2 स्थित कंपनी आॅफिस पहुंचे। हालांकि कंपनी पर ताला लटका होने और केवल सुरक्षा गार्डों की मौजूदगी की वजह से थाना सेक्टर-20 पुलिस से नई शिकायतें कर लौट आए।

बताया गया है कि वेब वर्क कंपनी के आरोपी अनुराग की तलाश में एसटीएफ की वहीं टीम लगाई गई, जिसने अनुभव मित्तल वाला केस खोला था। खातों की राशि और अनुराग की धर- पकड़ के लिए भी तेज तर्रार अधिकारियों को लगाया गया है।दूसरी तरफ मंगलवार को एसटीएफ की अब्लेज कंपनी के मालिक अनुभव मित्तल, सीईओ श्रीधर और तकनीकी प्रमुख महेश से पांच दिनों की रिमांड के दौरान पूछताछ पूरी हो गई। सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। साथ ही 8 फरवरी को न्यायालय में अनुभव मित्तल की पेशी का विडियो बनाकर यू ट्यूब पर अपलोड करने वाले आरोपी के खिलाफ सूरजपुर थाने में साइबर अपराध की धाराओं में मामला दर्ज किया है।

 

 

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