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मुजफ्फरनगर: गोकशी के आरोपियों को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस, गावों वालों ने पुलिस पर कर दिया हमला, गाड़ी भी जला दी

एसपी ओमबीर ने आगे बताया कि मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। लेकिन घर के बाहर भारी तदाद में उग्र भीड़ ने पुलिस दल पर हमला कर दिया।
उत्तर प्रदेश के शहर इलाहाबाद के एक बंद पड़े बूचड़खाने के सामने से गुजरती एक गाय। (REUTERS/Jitendra Prakash)

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में उग्र भीड़ ने सूबे की पुलिस पर तब हमला कर दिया जब गोकशी की सूचना पर पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए वारदात स्थल पर पहुंची थी। खबर के अनुसार बीते मंगलवार (27 जून, 2017) को पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया लेकिन इस दौरान भीड़ उग्र हो गई और पुलिसकर्मियों पर अचानक हमला बोल दिया। इस दौरान भीड़ ने पुलिस पर कथित तौर पर पथराव भी किया साथ ही पुलिस वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। मामले में शहर के एसपी ओमबीर सिंह ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि हमें गुप्ता सूचना के आधार पर जानकारी मिली कि तलहेडी बुजुग गांव में गोकशी की जा रही है। जिसके बाद पुलिस दल ने गांव में रेड मारी जहां सूचना सही साबित हुई। यहां हमने जानवरों के शवों के साथ करीब 15 किलो मांस बरामद किया। साथ ही जानवरों की हत्या में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों को सीज कर दिया। एसपी ओमबीर ने आगे बताया कि मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। लेकिन घर के बाहर भारी तदाद में उग्र भीड़ ने पुलिस दल पर हमला कर दिया। यहां कुछ लोगों ने फायरिंग भी की। इस दौरान हमे आरोपियों को रिहा करना पड़ा। इस वारदात में हमारे तीन पुलिसकर्मी बुरी तरह से घायल हुए हैं।

एसपी ओमबीर सिंह ने आगे बताया, ‘इस दौरान मदद के लिए अतिरिक्त पुलिस दल को बुलाया गया। वहीं आरोपी के घर से बरामद मांस को जांच के लिए भेज दिया गया है। मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। हालांकि 14 लोगों के साथ 25 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।’ वहीं घायल पुलिसकर्मियों को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया जहां उनका इलाज चल रहा है। सूत्रों के अनुसार दो हमलावर पास के जंगल में भागने में कामयाब हो गए हैं। एसपी ने कहा कि हम आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लेंगे और पुलिस हमले में शामिल किसी भी शख्स को छोड़ा नहीं जाएगा।

खबरों के अनुसार इस मामले में पुलिस की भी लापरवाही सामने आ रही है क्योंकि आलाधिकारियों के सख्त निर्देश हैं कि गोकशी की सूचना की जानकारी उनके संज्ञान में होनी चाहिए। रेड में भारी पुलिस बल का बंदोबस्त होना चाहिए। लेकिन मुजफ्फरनगर में नगर कोतवाली की लापरवाह पुलिस ने ना तो कोई सूचना जनपद के आलाधिकारियों को दी और ना ही कोई पुलिस बल की व्यवस्था की गई। सिर्फ 4 से 5 पुलिस कर्मी दबिश देने पहुंच गए जिसके बाद उग्र भीड़ ने पुलिस हिरासत से तीन आरोपियों को छुड़ा लिया।

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