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नए साल में होगा दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के पहले हिस्से का उद्घाटन, 50 फीसद तक कम होगा प्रदूषण

दिल्ली में प्रदूषण कम करने के लिए केंद्र सरकार ने यमुना नदी में जहाज चलाकर दिल्ली-आगरा को जलमार्ग से जोड़ने के लिए निविदा भी जारी कर दी है।
Author नई दिल्ली | November 15, 2017 03:20 am
तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीक के तौर पर किया गया है।

प्रदूषण की मार से हलकान दिल्लीवालों के लिए नया साल राहत की सौगात साबित हो सकता है। नए साल की शुरुआत में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे का राजधानी में बन रहा करीब नौ किलोमीटर का हिस्सा बनकर तैयार हो जाएगा। दूसरी ओर ईस्टर्न पेरिफेरल-वे के भी जनवरी में चालू हो जाने के आसार हैं। इसके चालू हो जाने से खतरनाक प्रदूषण फैलाने वाले मालवाहक ट्रकों का दिल्ली में प्रवेश बंद हो जाएगा।  दूसरी ओर दिल्ली को जाममुक्त बनाने के लिए नए साल में 40 हजार करोड़ रुपए की अन्य सड़क परियोजनाएं भी शुरू होंगी। केंद्र सरकार का दावा है कि इन सभी सड़क परियोजनाओं के पूरा हो जाने से दिल्ली-एनसीआर में सड़क जाम की समस्या से निजात मिलेगी, वाहन फर्राटा भरेंगे और गाड़ियों की वजह से होने वाले प्रदूषण में 50 फीसद तक की कमी आएगी। दिल्ली में प्रदूषण कम करने के लिए केंद्र सरकार ने यमुना नदी में जहाज चलाकर दिल्ली-आगरा को जलमार्ग से जोड़ने के लिए निविदा भी जारी कर दी है।

केंद्रीय सड़क परिवहन, राजमार्ग, जहाजरानी व जल संसाधन मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार सुबह दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के पहले चरण का निरीक्षण किया। निजामुद्दीन पुल से दिल्ली-यूपी बार्डर के बीच करीब नौ किलोमीटर के इस पहले हिस्से को लेकर उन्होंने जानकारी दी कि इसे 30 महीनों में पूरा किया जाना था, लेकिन यह महज 14 महीनों में ही तैयार कर लिया गया है। उन्होंने संकेत दिए कि इसका औपचारिक उद्घाटन नए साल की शुरुआत में किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह देश का पहला 14 लेन वाला राजमार्ग है। इसके दोनों ओर ढाई-ढाई मीटर चौड़े साइकिल ट्रैक का निर्माण किया गया है। इस राजमार्ग को आने वाले दिनों में लखनऊ तक बढ़ाया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि यह राजमार्ग दिल्ली के अलावा उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के लिए भी बेहद उपयोगी साबित होगा।

गडकरी ने जानकारी दी कि अगले साल 26 जनवरी तक ईस्टर्न पेरिफेरल-वे भी बनकर तैयार हो जाएगा। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे और ईस्टर्न व वेस्टर्न पेरिफेरल-वे के बन जाने से दिल्ली में वाहनों की वजह से होने वाले प्रदूषण में करीब 50 फीसद तक की कमी आ जाएगी। हालांकि उन्होंने यह भी जानकारी दी कि राजधानी में प्रदूषण की स्थिति का जायजा लेने और इससे निपटने के तौर-तरीकों पर विचार करने के लिए उन्होंने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री हर्षवर्धन को पत्र लिखकर एक समिति के गठन का आग्रह किया है। उन्होंने बताया कि सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय प्रदूषण को काबू करने के मद्देनजर कई अन्य उपाय भी कर रहा है। इसी के तहत यमुना नदी में जहाज चलाकर दिल्ली-आगरा को जोड़ने के लिए निविदिाएं भी जारी कर दी गई हैं।
गडकरी ने बताया कि दिल्ली को जाममुक्त बनाने के लिए 40 हजार करोड़ रुपए की अन्य परियोजनाओं का काम भी शुरू किया जा रहा है। इसके तहत धौलाकुआं इलाके में सड़कों का चौड़ीकरण, द्वारका एक्सप्रेस-वे का निर्माण और एक अर्बन एक्सटेंशन रोड का निर्माण भी शामिल है जिसे दिल्ली की तीसरी रिंग रोड कहा जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि इस सड़क परियोजना को पूरा करने के लिए आधा पैसा केंद्र सरकार देगी और बाकी का आधा पैसा दिल्ली सरकार चुकाएगी।

 

 

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