March 28, 2017

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योगी आदित्यनाथ की सरकार ने अधिकारियों को जारी की चेतावनी, सांप्रदायिक तनाव को रोकने में हुए फेल तो होगी कार्रवाई

सोमवार को हुई मीटिंग में मुख्यमंत्री योगी ने सभी को अपनी सम्पत्तियों का ब्योरा देने के लिए कहा। आदित्यनाथ ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे 15 दिनों के भीतर अपनी चल, अचल संपत्ति और आयकर का ब्योरा दें।

योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के 21वें मुख्यमंत्री हैं। (एक्सप्रेस फोटो)

उत्तर प्रदेश की नई सरकार ने कामकाज संभालने के बाद सोमवार को पहले दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधान सचिवों और अलग-अलग विभागों के अधिकारियों के साथ लोकभवन में सूबे के अधिकारियों के साथ बैठक की। योगी ने खड़े होकर सभी अधिकारियों को ईमानदारी, स्वच्छता और स्पष्टता की शपथ दिलाई। योगी आदित्यनाथ ने लोकभवन में यूपी में टॉप अधिकारियों से पहली मुलाकात में उन्हें बीजेपी मेनिफेस्टो दिया और उसे पूरा करने की सलाह दी। इसके अलावा 15 दिनों के भीतर अपनी संपत्ति घोषित करने के लिए कहा है। टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक, मीटिंग के बाद राज्य सरकार की ओर से अधिकारियों के लिए चेतावनी जारी की गई। जिसमें कहा गया कि अगर कोई भी अधिकारी गौहत्या (Cow Slaughter) की जांच, महिलाओं के खिलाफ अपराध और सांप्रदायिक तनाव को रोकने में असफल रहता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। यूपी के प्रिंसिपल सेक्रेटरी (गृह) देबाशीष पांडा और यूपी पुलिस के महानिदेशक (डीजीपी) जावीद अहमद ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को सांप्रदायिक सौहार्द को बाधित करने वाली घटनाओं को नियंत्रित करने के लिए बहु-आयामी रणनीति अपनाने के निर्देश दिए हैं।

सोमवार को हुई मीटिंग में मुख्यमंत्री योगी ने सभी को अपनी सम्पत्तियों का ब्योरा देने के लिए कहा। आदित्यनाथ ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे 15 दिनों के भीतर अपनी चल, अचल संपत्ति और आयकर का ब्योरा दें। कैबिनेट की पहली बैठक में जिन-जिन वायदों को लागू करना है, उनके बारे में पूरा ब्योरा और तैयारी का तरीका तैयार करने को कहा गया। आगे की प्लानिंग और कार्य करने के निर्देश दिए गए। सरकार की प्राथमिकताओं के कार्यो की संभावना, प्लान और जरूरतों की पूरी रूपरेखा तैयार करने के आदेश दिए गए। बैठक मे दोनों उप मुख्यमंत्रियों के साथ सभी प्रमुख सचिव, विशेष सचिव, सचिव शामिल हुए।

इससे पहले लखनऊ के गेस्ट हाउस में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा के बीच मंत्रियों के विभागों के बंटवारे के लिए बैठक हुई। बताया जा रहा है कि हृदयनाथ नारायण दीक्षित को विधानसभा का स्पीकर बनाया जा सकता है। गौरतलब है कि योगी आदित्यनाथ सीएम पद की शपथ लेने से पहले की सक्रिय हो गए थे और उन्होंने डीजीपी से मुलाकात करके यह निर्देश दिया था कि जश्न के बहाने प्रदेश में कोई उपद्रव न मचा सके। इसके अलावा अपने मंत्रियों को भी ऐसे बयानों से बचने के लिए कहा था, जिससे किसी की भावनाएं आहत होती हों।

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First Published on March 21, 2017 8:00 am

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