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उत्तर प्रदेश चुनाव: भाजपा में उम्मीदवारों की बाढ़

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की कभी भी घोषणा हो सकती है।
Author ग्रेटर नोएडा | December 22, 2016 02:28 am
भारतीय जनता पार्टी का झंडा।

शीशपाल सिंह

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की कभी भी घोषणा हो सकती है। जनवरी तक चुनाव का एलान होने की अटकलें लगाई जा रही है। फरवरी मार्च में चुनाव कराए जा सकते हैं। जिले की बात करें तो नोएडा, दादरी और जेवर में बसपा ने तीनों विधानसभा से घोषित कर दिए हैं। जबकि सपा ने दादरी और नोएडा से उम्मीदवार घोषित कर अपनी जमीन तैयार करनी शुरू कर दी है। काग्रेंस में टिकट के दावेदार नहीं हैं। जबकि भाजपा में नेताओं की बाढ़ लगी है। केंद्र सरकार के निर्देश पर भारतीय सेना के पाक सीमा पर की गई सर्जिकल स्ट्राइक और देश में नोटबंदी के बाद भाजपा में उम्मीदारों की लाइन लग गई है। दादरी और जेवर विधानसभा के लिए तीन दर्जन से ज्यादा दावेदार कतार में हैं।

नोएडा विधानसभा से भाजपा की विमला वाथम विधायक हैं। फिर भी नोएडा सीट से एक दर्जन लोग टिकट के लिए ताल ठोक रहे हैं। दावेदारों की लंबी जमात की वजह से भाजपा को टिकट देने में मुश्किल हो रही है। भाजपा को अब यह डर भी सता रहा है कि जिन लोगों को टिकट नहीं मिलेगा वे लोग उम्मीदवार का अंदरूनी विरोध करेंगे। इससे केंद्र सरकार की विधानसभा चुनाव की तैयारी पर पानी फिर सकता है।भाजपा जिला इकाई को जिले में तीन विधानसभा सीट के लिए तीन नाम भेजने थे। पर अभी तक वह किसी का नाम नहीं भेज जा सका है। नोएडा सीट पर विधायक बिमला वाथम और राजनाथ सिंह के बेटे की अटकलें लगाई जा रही है। पूर्व मंत्री नवाब सिंह नागर, मनोज गुप्ता और कैप्टन विकास गुप्ता ने भी दावेदारी की है। नागर समय समय पर अहम मुद्दे उठाते रहते हैं। उनकी छवि बेहतर मानी जाती है। नागर को दादरी सीट से भी दावेदारी मजबूत मानी जा रही है। दादरी नोएडा विधानसभा सीट से वे तीन बार जीत चुके हैं। नोएडा सीट से केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा और नवाब सिंह के बीच अब संबंधों में दरार आ चुकी है। इसलिए नोएडा से उनका टिकट कट सकता है।

दादरी विधान सभा सीट भाजपा से टिकट मांगने वालों की भी लंबी कतार है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के पूर्व महाप्रबंधक रविद्र तौंगड़ की दादरी पर दावेदारी मजबूत मानी जा रही है। लोग उनको जानते भी नहीं है। गुर्जर समुदाय उन्हें वोट नहीं देगा। वे मायावती के भी खास हैं। इसी वजह से वे भाजपा को मोटी रकम देकर टिकट हड़प सकते हैं। हालांकि भाजपा को करोड़ों रुपए देने की चर्चा भी चल रही है। बसपा छोड़कर भाजपा में तीन साल पहले शामिल हुए तेजपाल नागर की छवि बेहतर है। वे दो बार जिला पंचायत सदस्य रह चुके हैं। उन्होंने क्षेत्र में काम भी कराए हैं और लगभग साफ सुथरी छवि वाले नेता है। उनकी दावेदारी भी मजबूत मानी जा रही है। इसके अलावा सुंदर राणा, श्रीचंद शर्मा, गीता पंडित, चंदरवीर नागर, सुनील भाटी, मनोज भाटी, बलराज भाटी और सुभाष भाटी भी प्रमुख दावेदारी पेश कर रहे हैं।

जेवर विधानसभा सीट से भाजपा के हरिशचंद भाटी, रकम सिंह भाटी, हरीश ठाकुर, संजय चौहान, अमित चौधरी और ठाकुर पुष्कर सिंह दावेदार हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने हरिशचंद भाटी को बिहार और जम्मू-कश्मीर का चुनाव प्रभारी बनाकर भेजा था। उनका भाजपा में बड़ा कद है। हरीशचंद भाटी डॉक्टर महेश शर्मा के भी करीबी माने जाते हैं। उनकी दावेदारी मजबूत मानी जा रही है। अगर दादरी सीट पर गुर्जर को टिकट जाता है तो जेवर सीट का टिकट राजपूत बिरादरी को जा सकता है। क्योंकि जेवर पर राजपूत मतदाता ज्यादा हैं। 28 अक्तूबर को ग्रेटर नोएडा में पर्यटन मंत्रालय के संग्राहलय के शिलान्यास के मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह की जनसभा में नवाब सिंह नागर को महेश शर्मा ने सम्मान पूर्वक मंच पर बैठाया था। नागर की फिर से दादरी सीट से चुनाव लड़ने की चर्चा जोरों पर है।

 

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