May 29, 2017

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मथुरा: ज्वैलर्स हत्याकांड में 5 दिन बाद मिली पुलिस को कामयाबी, गिरफ्तार किए 5 आरोपी

पुलिस और बदमाशों में देर रात तक मुठभेड़ चली

मथुरा लूट और मर्डर कांड में यूपी पुलिस को 5 दिन बाद बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मुख्य आरोपी रंगा बिल्ला सहित 5 गिरफ्तार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस और बदमाशों में देर रात तक मुठभेड़ चली। मुठभेड़ के बाद 5 आरोपी गिरफ्तार हुए हैं। पुलिस ने दावा किया है कि मथुरा मर्डर केस सुलझा लिया है। बता दें कि गत 15 मई को मथुरा के कोयला वाली गली में अज्ञात लुटेरों ने एक सर्राफा की दुकान में घुसकर ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर विकास और मेघ नामक दो आभूषण कारोबारियों की हत्या कर दी थी तथा दो अन्य को घायल कर दिया था। बदमाशों ने रात 8 बजे वारदात को अंजाम दिया था।

अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) अशोक कुमार सिंह ने बताया था कि थाना कोतवाली क्षेत्र में शहर के प्रमुख बाजार होलीगेट के पास हथियारबंद बदमाशों ने मयंक ज्वैलर्स पर उस समय हमला कर दिया जब व्यापारीगण दुकान बंद करने की तैयारी कर रहे थे। चार दिन में भी कोई अपराधी न पकड़े जाने पर मेघ अग्रवाल के परिजन गुरुवार को बीच बाजार भूख हड़ताल पर बैठ गए थे। घटना से नाराज व्यापारी संगठनों भी ने जिले के सभी बाजार दोषियों के पकड़े जाने तक बंद रखने का निर्णय किया था।

घटना पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस महानिदेशक से गहरी नाराजगी व्यक्त की थी और घटना की जांच के आदेश दिए थे। इसके अलावा सीएम योगी विधानसभा में भी इस मामले में बयान दे चुके हैं। इसके साथ ही सरकार के प्रवक्ता और उर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने डीजीपी के साथ जाकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की थी। उन्होंने आश्वासन दिया था कि सुरक्षा को लेकर सटीक नीति बनेगी और इस मामले के दोषियों को जल्द ही पकड़ा जाएगा।

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First Published on May 20, 2017 8:25 am

  1. A
    Ajit Rajput
    May 20, 2017 at 12:56 pm
    उत्तर प्रदेश में बढ़ती आबादी और कम शिक्षा तथा बेरोजगारी के वजह से काफी सारी परेशानी है. लोग दूसरे प्रदेश में नौकरी के लिए पलायन कर रहे है. धर्म और जाती के नाम पर राजीनीतिक पार्टिया भी लोगो का काफी फायदा उठती है तथा उनको मुलभुत सुविधाओं से वंचित रखती है. कानून और व्यवस्था सालो से बहुत ख़राब स्तिति में है और अब ये आदत बन गयी है. कोई सुधरने को तैयार नहीं है जो कोशिश करते है वो एक तो मरे जाते है या खुद ही कुछ समय के बाद प्रयास छोड़ देते है प्रशाशन की उदासीनता के कारण. प्रशाशन भी नेताओ के दबाव में काम करते है जो उनको नियम के तहत काम करने नहीं देते जिस वजह से प्रदेश दिन बा दिन क़र्ज़ में डूबता जा रहा है. कम समय में जल्दी सफता के चक्कर में नौजवान गलत रस्ते अपना रहे है जिस वफ्फ से खुद , परिवार और समाज सबको तकलीफ में डाल रहे है.
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