January 16, 2017

ताज़ा खबर

 

यूपी में कांग्रेस से हाथ मिलाएगा अखिलेश यादव का गुट, डिंपल यादव और प्रियंका गांधी ने बनाई रणनीति!

वर्तमान में समाजवादी पार्टी कलह से जूझ रही है। मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव अलग-अलग राहों पर हैं।

उत्‍तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों में अखिलेश यादव के नेतृत्‍व वाला समाजवादी पार्टी का गुट कांग्रेस के साथ हाथ मिला सकता है।

उत्‍तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों में अखिलेश यादव के नेतृत्‍व वाला समाजवादी पार्टी का गुट कांग्रेस के साथ हाथ मिला सकता है। खबरों के अनुसार अखिलेश यादव और राहुल गांधी के बीच सहमति बन चुकी है और औपचारिक ऐलान बाकी है। न्‍यूज चैनल आज तक के अनुसार इस गठबंधन के पीछे डिंपल यादव और प्रियंका गांधी वाड्रा का दिमाग है। दोनों ने भाजपा को रोकने के लिए यह रणनीति बनाई है। राहुल गांधी नए साल के मौके पर छुट्टियां मनाने के लिए विदेश गए हुए थे। उसके बाद अखिलेश यादव की पत्‍नी डिंपल ने प्रियंका से मुलाकात की और दोनों के बीच सहमति बनी। बताया जाता है कि अब जब राहुल गांधी भारत लौट आए हैं तो गठबंधन का एलान हो चुका है। गौरतलब है कि इससे पहले भी सपा और कांग्रेस के हाथ मिलाने की खबरें आई थीं। लेकिन उस समय यूपी कांग्रेस के अध्‍यक्ष प्रशांत किशोर ने गठबंधन से इनकार किया था।

वर्तमान में समाजवादी पार्टी कलह से जूझ रही है। मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव अलग-अलग राहों पर हैं। हालांकि दोनों के बीच सुलह की कोशिशें की जा रही हैं लेकिन अभी तक सहमति नहीं बनी है। रामगोपाल यादव ने एक जनवरी को अधिवेशन बुलाकर अखिलेश को सपा का राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष घोषित कर दिया था। वहीं अमर सिंह को पार्टी से निकाल दिया था। मुलायम ने इस कदम को असंवैधानिक बताया है। उनका कहना है कि रामगोपाल पार्टी से निष्‍कासित हैं तो वह यह फैसला नहीं ले सकते। दोनों गुटों में साइकिल के निशान को लेकर भी जद्दोजहद चल रही है। वहीं मुलायम अब अखिलेश को लेकर नरम पड़ते दिख रहे हैं। 9 जनवरी को उन्‍होंने कहा कि अगर सपा को बहुमत मिला तो मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव की बनेंगे।

इस तरह की खबरें भी हैं कि सपा, अजित सिंह की पार्टी रालोद, पीस पार्टी, राजद और कांग्रेस मिलकर बिहार की तरह महागठबंधन बना सकते हैं। हालांकि इसकी संभावनाओं पर सवाल भी उठ रहे हैं। लेकिन माना जा रहा है कि प्रशांत किशोर इस तरह की संभावना पर काम कर रहे हैं। उत्‍तर प्रदेश में सात चरणों में मतदान होना है। यहां पर चुनावों की शुरुआत 11 फरवरी को गाजियाबाद और नोएडा से होगी। चुनावों के नतीजे 11 मार्च को आएंगे। वर्तमान में यूपी में सपा, बसपा, भाजपा और कांग्रेस के बीच चतुष्‍कोणीय मुकाबला दिख रहा है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

First Published on January 10, 2017 1:12 pm

सबरंग