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योगी आदित्यनाथ ने पेश की खर्च में कटौती की मिसाल, अपने लिए साढ़े तीन करोड़ की SUV खरीदने से किया मना

पत्ति विभाग के अधिकारी ने इस बात पुष्टि करते हुए बताया कि योगी की फ्लीट में मौजूद एसयूवी पांच साल पहले अखिलेश यादव की सरकार में खरीदी गई थी।
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। (Photo: PTI)

कहा जाता है कि परिवर्तन की शुरुआत हमेशा अपने घर से की जाती है। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी कुछ ऐसा ही किया। योगी ने खुद के लिए दो मर्सिडीज कार खरीदे जाने के प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया। संपत्ति विभाग की ओर से योगी की फ्लीट में शामिल करने के लिए साढ़े तीन करोड़ रुपए से दो मर्सिडीज खरीदने जाने का प्रस्ताव किया था, जिसे योगी ने खारिज कर दिया। कार खरीदे जाने का प्रस्ताव संपत्ति विभाग की ओर से कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री के पास अप्रूवल के लिए भेजा गया था। जब फाइल को सामने रखा गया तो योगी आदित्यनाथ ने उसे यह कहते हुए नामंजूर कर दिया कि उन्हें अपनी फ्लीट के लिए नई कार खरीदने की जरुरत नहीं है। जो वाहन हैं वो ठीक हैं।

डीएनए की रिपोर्ट के मुताबिक संपत्ति विभाग के अधिकारी ने इस बात पुष्टि करते हुए बताया कि योगी की फ्लीट में मौजूद एसयूवी पांच साल पहले अखिलेश यादव की सरकार में खरीदी गई थी। हमें लगा कि यह एसयूवी पुरानी हो गई है और मुख्यमंत्री के आराम को ध्यान में रखते हुए नई कार खरीदी जानी चाहिए। योगी आदित्यनाथ की ओर से इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिलने कारण अब वह पुराने वाहन का ही इस्तेमाल करेंगे। इससे पहले अखिलेश यादव ने अपनी सरकार में दो मर्सिडीज एसयूवी खरीदी थी। एक मर्सिडीज की कीमत 1.5 करोड़ रुपए थे और उन्होंने एक वाहन अपने पिता मुलायम सिंह को दी थी। यहां तक की सत्ता चली जाने के बाद भी मुलायम सिंह ने संपत्ति विभाग को गाड़ी वापस नहीं लौटाई।

कुछ समय पहले सीएम योगी आदित्य नाथ ने संपत्ति विभाग की ओर से मंत्रियों के लिए नई गाड़ी खरीदे जाने के प्रस्ताव को भी खारिज कर दिया था। संपत्ति विभाग ने योगी के कैबिनेट सहयोगियों के लिए पुरानी इनोवा कार की जगह 30 लाख कीमत की नई फॉरच्यूनर कार खरीदने का प्रस्ताव किया था। हालांकि, संपत्ति विभाग ने अखिलेश सरकार में प्रभावशाली कैबिनेट मंत्री रहे मोहम्मद आजम खान से हाई-एंड स्कोडा कार वापस ले ली है। इसकी कीमत 37 लाख रुपए बताई जा रही है। योगी के निर्देश के मुताबिक, स्कोडा एसयूवी किसी भी मंत्री या डेप्युटी को अलॉट नहीं की जा सकती है, क्योंकि यह राज्यपाल और अन्य माननीय लोगों के लिए आरक्षित है।

 

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