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उत्तर प्रदेश: दुधारू पशुओं का कटान रोकने के लिए अफसरों को मिली हिदायत

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्थित पशु वधशालाओं का अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण कर वधशालाओं में पशुओं का अवैध कटान नहीं होने देना सुनिश्चित किया जाए।
Author लखनऊ | March 25, 2017 01:02 am
बूचड़खाना (Express Photo)

मुख्यमंत्री आदित्य नाथ योगी के कड़े तेवर के बाद सरकार ने सूबे की वधशालाओं में दुधारू पशुओं को काटे जाने पर रोक लगाने के लिए सभी जिलाधिकारियों और जिला पुलिस प्रमुखों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इनमें प्रदेश की सीमा से जुड़े अन्य राज्यों के पशु तस्करी की दृष्टि से संवेदनशील मार्गों पर कड़ी निगरानी रखने की हिदायत भी शामिल है। मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस प्रमुखों को एक परिपत्र जारी करके कड़े निर्देश दिए हैं कि दुधारू पशुओं के अवैध वध और उनके अनधिकृत परिवहन या तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने प्रदेश की सीमा से जुड़े अन्य राज्यों के पशु तस्करी की दृष्टि से संवेदनशील मार्गोंं पर भी कड़ी निगरानी रखकर नियमित जांच के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्थित पशु वधशालाओं का अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण कर वधशालाओं में पशुओं का अवैध कटान नहीं होने देना सुनिश्चित किया जाए। पशुवध को रोकने के लिए अभिसूचना तंत्र की मदद लेकर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्घ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाए।

इस बीच आदित्यनाथ योगी ने शुक्रवार को संकेत दिए कि वे सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली में बदलाव कर उसे पारदर्शी बनाना चाहते हैं। वे कानून बाकी
व्यवस्था के मुद्दे पर सख्त हैं। गरीबों को आवास, सस्ती दवा और किसानों की गेहूं खरीद को लेकर गंभीर हैं। दागी फर्मों, माफिया किस्म के ठेकेदारों, अवैध खनन और भाषा विभाग में राजनीतिक नियुक्तियों को बंद करना चाहते हैं। योगी ने यह मंशा शुक्रवार को अपने विभागों से संबंधित मंत्रियों और आला अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान स्पष्ट कर दी और इस बारे में कई आवश्यक आदेश भी दिए। अवैध पशु वधशालाओं पर सख्त कार्रवाई, पुलिस के रवैये और कामकाज में आमूल चूल परिवर्तन, भ्रष्टाचार पर लगाम, एसिड हमले के मामलों में सख्त से सख्त कार्रवाई जैसे योगी के कडेÞ फैसलों पर अमल शुरू हो चुका है। सचिवालय एनेक्सी परिसर अचानक पहुंचकर धूल खाती फाइलों, पान-गुटखे की गंदगी से नाराज योगी का इसे बंद करने का सख्त आदेश, हजरतगंज थाने का औचक निरीक्षण और एसिड हमले की पीड़िता से मिलने मेडिकल कॉलेज जाना और अधिकारियों को इसे लेकर कड़ाई से निर्देश देना योगी का अपना काम करने का अंदाज है।

उन्होंने सरकारी विभागों में कामचलाऊ व्यवस्था को तत्काल बंद करने और पारदर्शी व भ्रष्टाचार मुक्त कार्यप्रणाली अपनाने के शुक्रवार निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यालय में समय पर उपस्थित रहने को कहा। पत्रावलियों का रखरखाव ठीक ढंग से करने, फाइलों के निस्तारण की तारीख तय करने और सभी विभागों के सिटीजन चार्टर तैयार कर उसे लागू करने का निर्देश भी उन्होंने दिया। योगी ने प्रधानमंत्री आवास योजना की चर्चा करते हुए कहा कि इस कार्य को नगर विकास विभाग से लेकर आवास विकास विभाग को दिया जाए, जिससे इस योजना का लाभ प्रदेश की जनता को दिलाया जा सके। केंद्र सरकार द्वारा सस्ती दर पर उपलब्ध कराई जाने वाली जेनेरिक दवाओं से संबधित योजना की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि अभी तक इस योजना के तहत प्रदेश में मात्र 150 दुकानें ही खुली हैं। इससे केंद्र की इस योजना का लाभ राज्य की जनता को नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने संबंधित विभाग को निर्देश दिया कि इस योजना के तहत कम से कम तीन हजार दुकानें खुलवाने की कार्रवाई तत्काल शुरू हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों से जुड़ी योजनाओं में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गेहूं क्रय केंद्रों के लिए की गई तैयारियों के बारे में जानकारी प्राप्त करते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि गेहूं खरीद की पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मात्र 40 लाख टन गेहूं खरीद को नाकाफी बताते हुए उन्होंने कहा कि अधिकतम किसानों को राहत पहुंचाने के लिए लगभग 80 लाख टन गेहूं खरीद की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सहकारी समितियों की वर्तमान स्थिति के प्रति असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि सभी सहकारी समितियों को पुनर्जीवित किया जाए, जिससे किसानों को सीधे लाभ पहुंचाया जा सके। बाढ़ और सूखा राहत के लिए समय से पूर्व तैयारी करने का निर्देश देते हुए योगी ने स्पष्ट किया कि सूखा और बाढ़ से होने वाली जन हानि के लिए संबंधित विभागों के अधिकारी सीधे जिम्मेदार होंगे। साथ ही कहा कि सूखा राहत विशेष रूप से बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए तैयारी मुकम्मल की जाए।

 

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