ताज़ा खबर
 

योगी को 125 किलो का साबुन गिफ्ट करने जा रहे दलित कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने पर विरोध, लखनऊ में दारापुरी समेत कई कार्यकर्ता गिरफ्तार

टॉयलेटरीज़ के वितरण को दलितों का 'अपमान' करार देते हुए दारापुरी ने कहा कि गुजरात दलित सेना के जो लोग 125 किलो की साबुन को भेंट करके "अपमान का विरोध" करना चाहते थे, उन्हें अपने लोकतांत्रिक अधिकार से वंचित किया गया।
योगी को 125 किलो का साबुन गिफ्ट करने जा रहे गुजरात दलित कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने पर विरोध।

उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के घर पर विरोध मार्च करने जा रहे पूर्व आईपीएस अफसर और दलित कार्यकर्ता एस आर दारापुरी को पुलिस ने उनके आठ सहयोगियों के साथ सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। बुंदेलखंड दलित सेना से जुड़े दारापुरी ने कैसरबाग प्रेस क्लब में सेमीनार आयोजित करने की इजाजत ली थी लेकिन झांसी में गुजरात के 45 दलित कार्यकर्ताओं के हिरासत के विरोध में उन्होंने मार्च निकालने की कोशिश की। एसपी पश्चिमी विकास चंद्र त्रिपाठी ने इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को शांतिभंग की आशंका का हवाला देकर रद्द करवा दिया। इससे पहले पुलिस ने आयोजकों को प्रेस क्लब खाली करने के निर्देश दिये थे। मार्च को रोकने के लिए आईपीसी की धारा 144 लगाई गई थी।

गुजरात से लखनऊ आ रहे दलित कार्यकर्ताओं को झांसी में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। जिसके विरोध में मार्च का आयोजन किया गया। पूर्व आईपीएस एसआर दारापुरी और एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष रमेश चन्द्र दीक्षित ने कहा कि उन्हें आयोजन करने से कोई नहीं रोक सकता। वो अपनी बात जनता के सामने जरूर रखेंगे। बाद में मजबूरन पुलिस को इन सब लोगों को गिरफ्तार करना पड़ा। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक दारापुरी के अलावा पुलिस ने लखनऊ में अलग-अलग स्थानों से बुंदेलखंड दलित सेना के 23 सदस्यों आईपीसी की धारा 144 का उल्लंघन करने पर गिरफ्तार किया है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सवा क्विंटल (125 किलो) का साबुन देने आ रहे 45 गुजराती दलित-आदिवासी कार्यकर्ताओं को यूपी पुलिस ने झांसी में रोककर हिरासत में ले लिया। दलित कार्यकर्ता आदित्यनाथ को “दलितों को लेकर अपनी मानसिकता को शुद्ध करने” के लिए उपहार देना चाहते थे। इस गिफ्ट को उस घटना का जवाब माना जा रहा है कि जिसमें कुशीनगर में योगी के दौरे से पहले दलितों को साबुन और शैंपू बांटे जाने की खबर आई थी।

दारापुरी ने कहा कि उनकी गिरफ्तारी योगी आदित्यनाथ सरकार के तानाशही रवैये को दर्शाती है, जो राज्य में किसी तरह का विरोध नहीं चाहते हैं। टॉयलेटरीज़ के वितरण को दलितों का ‘अपमान’ करार देते हुए कहा कि गुजरात दलित सेना के जो लोग 125 किलो की साबुन को भेंट करके “अपमान का विरोध” करना चाहते थे, उन्हें अपने लोकतांत्रिक अधिकार से वंचित किया गया। वहीं, दारापुरी के साथ गिरफ्तार हुए रमेश दीक्षित ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपने विचार रखने का अधिकार है, लेकिन बीजेपी के राज में विचार भी अभिव्यक्ति संभव नहीं है।

गृह मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय में तनातनी

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.