December 07, 2016

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समाजवादी चाचा-भतीजे के बीच टकराव बरकरार

समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव की सरकार के बीच की रार थमने का नाम ही नहीं ले रही है।

Author लखनऊ | October 27, 2016 03:12 am
अखिलेश यादव, शिवपाल यादव व सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव।

समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव की सरकार के बीच की रार थमने का नाम ही नहीं ले रही है। बुधवार को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने अखिलेश सरकार के राज्यमंत्री पवन पांडेय को अनुशासनहीनता के आरोप में छह साल के लिए सपा से बाहर निकाल दिया। उन पर 24 अक्तूबर को विधान परिषद सदस्य आशु मलिक पर मुख्यमंत्री के पांच, कालीदास मार्ग स्थित सरकारी आवास पर मारपीट का आरोप है। वहीं शिवपाल यादव ने बुधवार को अपना सरकारी आवास खाली कर यह संकेत दे दिया कि अब मंत्री पद पर उनकी वापसी के रास्ते बंद हो गए हैं। इस बीच बुधवार को अखिलेश यादव ने राज्यपाल राम नाईक से मुलाकात की।

समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने बुधवार को पवन पांडेय का छह साल के लिए समाजवादी पार्टी से निष्कासन कर इसकी जानकारी पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को भेज दी। लेकिन खबर लिखे जाने तक मुख्यमंत्री ने अपने राज्यमंत्री और करीबी माने जाने वाले पवन पांडेय की मंत्रिमंडल से रुख्सती नहीं की है। वर्ष 2012 में हुए विधानसभा चुनाव में आयोध्या सीट को लंबे समय के बाद भारतीय जनता पार्टी से छीनने वाले पवन पांडेय की पहचान मुख्यमंत्री के करीबी और तेज-तर्रार राजनेता की रही है। मुलायम के करीबी कहे जाने वाले आशु मलिक ने 24 अक्तूबर को पवन पांडेय पर आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पर उनके साथ पवन पांडेय ने बदसलूकी की और उन्हें मारा। हालांकि सरकार के प्रवक्ता ऐसी किसी घटना को सिरे से खारिज कर रहे हैं। लेकिन पवन पांडेय के खिलाफ आशु मलिक ने लखनऊ के हजरतगंज कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करा दी।

“हमारा परिवार एकजुट है”: शिवपाल यादव

उधर, साढ़े चार साल तक मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सरकार में सबसे ताकतवर मंत्रियों में शुमार शिवपाल सिंह यादव ने बुधवार को अपना सरकारी मकान खाली कर दिया। इससे यह साफ है कि उन्हें इस बात के पक्के संकेत हैं कि अब मंत्रिमंडल में उनकी वापसी नहीं हो सकेगी। वैसे भी एक महीने के दौरान दो बार मंत्रिमंडल से बर्खास्त होने के बाद शिवपाल यादव ने मंत्रिमंडल में दोबारा से शामिल होने से इंकार कर दिया था। लेकिन मंगलवार को पार्टी के राष्टÑीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने जिस तरीके से संवाददाता सम्मेलन में इस बात का जिक्र किया था कि चार मंत्रियों की मंत्रिमंडल में वापसी का फैसला अखिलेश पर छोड़ता हूं, उससे उम्मीद जताई जा रही थी कि शायद अखिलेश यादव शिवपाल और उनके समर्थक तीन और मंत्रियों को अपनी सरकार में फिर से शामिल कर लें। लेकिन ऐसा हो नहीं पाया। फिलहाल बुधवार को अखिलेश यादव ने राज्यपाल राम नाइक से राजभवन में भेंट की है। हालांकि उनकी भेंट को औपचारिक बताया जा रहा है लेकिन कयास इस बात के भी लगाए जा रहे हैं कि संभवत: अखिलेश यादव विधानसभा चुनाव के ऐन पहले अपने मंत्रिमंडल का अंतिम विस्तार करें।

 

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First Published on October 27, 2016 3:12 am

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