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रामगोपाल यादव का सपा कार्यकर्ताओं को पत्र,लिखा- अखिलेश का विरोध करने वाले विधानसभा का मुंह नहीं देख पाएंगे

समाजवादी पार्टी के महासचिव रामगोपाल यादव ने पार्टी कार्यकर्ताओं को पत्र लिखा।
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव। (फाइल फोटो)

समाजवादी पार्टी के महासचिव रामगोपाल यादव ने शनिवार (22 अक्टूबर) को पार्टी कार्यकर्ताओं को पत्र लिखा। यह पत्र उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के समर्थन में लिखा। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, राम गोपाल ने पत्र में लिखा, ‘राष्ट्रीय विरोधियों के गले में फांस है, इस फांस को और शाप्र करना है। अखिलेश का विरोध करने वाले विधान सभा का मुंह नहीं देख पाएंगे। जहां अखिलेश वहां विजय।’ न्यूज एजंसी के मुताबिक, राम गोपाल इस वक्त मुंबई में हैं। जब उनसे पत्र के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने बात को टाल दिया। गौरतलब है कि आज अखिलेश यादव विधायकों के साथ एक मीटिंग भी करने वाले हैं।

वीडियो: समाजवादी पार्टी में चल रही खींचतान का अंजाम क्या होगा?

इस बीच अखिलेश द्वारा नई पार्टी बनाए जाने की भी खबर है। खबर है कि उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राज्य के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अपने समर्थकों के साथ मिलकर अलग पार्टी बना सकते हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, पार्टी का नाम ‘प्रोग्रेसिव समाजवादी पार्टी’ रखा जा सकता है। वहीं उसका चिन्ह ‘मोटरसाइकिल’ हो सकता है। यह चर्चा पार्टी के महासचिव राम गोपाल यादव के दिल्ली आकर इलेक्शन कमिशनर के मिलने के बाद से तेज हो रही है। खबर के मुताबिक, अखिलेश के एक समर्थक ने बताया कि यह सबसे आखिरी और बेहद दुखदाई फैसला होगा। समर्थक का मानना है कि नई पार्टी सत्ता में आ सकती है क्योंकि उसे लोग अखिलेश यादव द्वारा किए गए अच्छे कामों की वजह से वोट देंगे।

गौरतलब है कि बाहुबली मुख्तार अंसारी की पार्टी ‘कौमी एकता दल’ के समाजवादी पार्टी में विलय को लेकर यह झगड़ा शुरू हुआ था। अखिलेश के चाचा शिवपाल यादव विलय करवाना चाहते थे वहीं अखिलेश इसके खिलाफ थे। अखिलेश की गैरमौजूदगी में विलय हो भी गया था। लेकिन बाद में अखिलेश ने विलय खत्म कर दिया। इसके बाद से अखिलेश और शिवपाल के बीच दूरियां बढ़ने लगीं। अखिलेश ने कई बार मीडिया के सामने आकर कहा कि लड़ाई पारिवारिक ना होकर राजनीतिक है। इसके बाद अखिलेश ने शिवपाल से कई बड़े विभाग छीन भी लिए थे। फिर शिवपाल के समर्थकों के प्रदर्शन के बाद अखिलेश ने उन्हें विभाग लौटा भी दिए। इसी बीच शिवपाल ने मुलायम सिंह को अपने ‘पाले’ में करके कौमी एकता दल का विलय समाजवादी पार्टी में कर लिया था। हाल ही में अखिलेश अपनी पत्नी के साथ अलग घर में भी शिफ्ट हो गए हैं।

 

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